सांगानेरी गेट पर दो घंटे लगाया जाम
भीलवाड़ा. सांगानेरी गेट स्थित सुलभ काम्पलेक्स की गंदगी और बदबू से दो साल से परेशान लोगों का सब्र सोमवार को जवाब दे गया। पार्षद के साथ क्षेत्रवासी सांगानेरी गेट चौराहे पर जाम लगा कर धरने पर बैठ गए। आक्रोशित लोगों ने दो घंटे बाद नगर परिषद प्रशासन के आश्वासन पर जाम खोला।
वार्ड नंबर 37 में सांगानेरी गेट स्थित चौराहे पर सोमवार सुबह 10.30 बजे पार्षद राकेश पाठक के नेतृत्व में क्षेत्र की महिलाएं और लोग धरने पर बैठ गए। बीच सड़क पर बैठे लोगों ने नारेबाजी करते हुए मानव श्रृंखला बना ली।
वे छोटी भीमगंज स्कूल के पास स्थित सुलभ कॉम्पलेक्स की सफाई की मांग कर रहे थे। देखते ही देखते काफी संख्या में लोग जमा हो गए। सूचना पर सुभाष नगर और कोतवाली थाने से पुलिस जाब्ता पहुंचा। कोतवाल राहुल जोशी ने सड़क पर बैठे लोगों को समझाने का प्रयास किया मगर वे नहीं माने। शेष x पेज 8
आक्रोशित लोग नगर परिषद के अधिकारियों से निर्णय की मांग पर अड़े हुए थे। मौके पर पहुंचे एईएन एचआर मीणा लोगों के सामने असहाय दिखे। परिषद के स्वास्थ्य अधिकारी डा. एसआर परिहार ने आंदोलनरत लोगों से वार्ता प्रारंभ की। दो घंटे बाद लोगों ने सड़क से जाम हटाया। आंधे घंटे चली वार्ता के अंत में कॉम्पलेक्स का रख रखाव नगर परिषद को सौंपने का निर्णय लिया गया।
तीन साल से बोर्ड बैठक में उठ रहा है मामला
तीन साल से हर बोर्ड बैठक में क्षेत्रीय पार्षद पाठक इस मुद्दे को उठाते हैं। मगर हर बार चर्चा और कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला टल जाता है। परिषद प्रशासन इस पर 18 सीट के शौचालय की वित्तीय स्वीकृति जारी कर वर्क ऑर्डर दे चुका है, लेकिन जगह नहीं होने से काम अटका हुआ है। पास में भूखंड है मगर उसे सेन समाज को परिषद बोर्ड आवंटित कर चुका है।
विवाद का कारण
सुलभ कॉम्पलेक्स परिषद प्रशासन ने सुलभ इंटरनेशनल को पे-एंड यूज ठेके पर दे रखा है। क्षेत्रवासी उपयोग करते हैं मगर पैसा नहीं देते हैं। ऐसे में सुलभ इंटरनेशनल ने इससे पल्ला झाड़ लिया। एग्रीमेंट की शर्त के अनुसार परिषद किसी और से भी काम नहीं करवा सका। एक बार परिषद ने अपने स्तर पर भुगतान कर दिया तो अंकेक्षण दल की आपत्ति से अधिकारी घबरा गए।
ऐसे में दो साल से मामला टालमटोल में चल रहा है। इन हालात में एक साल से न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही पानी की व्यवस्था है। आयुक्त एआर खान का कहना है कि फिलहाल परिषद की देख-रेख में कॉम्पलेक्स चलाया जाएगा। आगे की कार्रवाई के लिए निदेशक से मार्गदर्शन मांगा जा रहा है।
यह हो सकता है स्थाई समाधान लोगों का यह कहना है कि परिषद की ओर से सफाई करवा कॉम्पलेक्स चालू करवाना स्थाई समाधान नहीं है। स्थाई समाधान के लिए पास ही खाली पड़े भूखंड पर कॉम्पलेक्स का विस्तार किया जाना चाहिए। सेन समाज को अन्यत्र भूखंड आबंटन किया जा सकता है। साथ ही क्षेत्र में सर्वे करवा किसी एनजीओ के माध्यम से अनुदान पर घरों में शौचालय बनवाए जा सकते हैं।










