इन्हें पढ़ाने से नहीं, धूप सेंकने से है मतलब
लुधियाना. नियमों को ताक पर रखना है तो कुछ सरकारी स्कूलों से आपको काफी कुछ सीखने को मिल जाएगा। नियमों को ताक पर रखने में कुछ अध्यापक तो अध्यापक पर प्रिंसिपल भी पीछे नहीं हैं।
शिक्षा विभाग ने राज्यभर के सरकारी स्कूलों को आदेश जारी किए हैं कि सर्दियों में छात्रों को धूप में न बैठाया जाए और अध्यापक क्लास रूम में ही छात्रों को पढ़ाए। लेकिन अगर सरकारी स्कूलों में देखें तो लगता ही नहीं है कि कभी प्रिंसिपल्स को विभाग की तरफ से ऐसा कोई आदेश मिला हो। अध्यापकों को तो नियमों की परवाह ही नहीं है, उन्हें तो बस धूप जो सेकनी है। लाइव रिपोर्टिग टीम ने शहर के प्रमुख स्कूलों का दौरा किया।
अध्यापकों ने धूप पर अपनी कुर्सी जमाई है और छात्र भी पढ़ने के बजाए मजे से धूप सेक रहे हैं। कुछ स्कूलों में तो यह तक पता नहीं चल रहा था कि यह आधी छुट्टी का समय है या स्टडी पीरियड चल रहे हैं। मैं अपने साथी फोटो जर्नलिस्ट के साथ सराभा नगर स्थित सरकारी प्राइमरी स्कूल के बाहर खड़ा हूँ। समय दिन के 12:11 बजे हैं। छात्र स्कूल के बगल के पार्क में धूप में बैठकर पढ़ रहे हैं।
छात्रों को पढ़ा रही अध्यापिकाओं को पूछा तो उन्होंने कहा कि यह प्राइमरी स्कूल के अधीन चलने वाला एआईई सेंटर है। स्कूल में पढ़ाने के बजाए वो पार्क में पढ़ा रही हैं। इसके बाद हम निकल रहे हैं भारत नगर चौक स्थित शहीद ए आजम सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल की तरफ। अरे भाई यहां तो आधी छुट्टी है।
यहां तो पता नहीं चल पाएगा कि क्या क्लासें बाहर लगी हैं? चलो किसी अध्यापक या कर्मचारी से पूछते हैं। सर क्या आधी छुट्टी हो गई। नहीं अभी नहीं हुई आधी छुट्टी तो 12:50 पर होगी। हमारी घड़ी में तो 12.26 हो रहे हैं। वहां पीछे क्लासें बाहर लगी हैं। यहां पर भी नियमों की अनदेखी की जा रही है। अध्यापक क्लास रूम छोड़कर खुले में पढ़ा रहे हैं। यहां तो जिला शिक्षा अधिकारी का दफ्तर तो महज कुछ मीटर ही दूर है।
अब हम निकल रहे हैं सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल जवाहर नगर कैंप। समय 12.37 है। यहां के हालात भी बिल्कुल वैसे ही दिखे। कुछ छात्राएं ग्राउंड में बैठकर धूप सेक रही हैं। अध्यापिकाएं धूप में कुर्सी जमाकर छात्राओं को पढ़ा रही हैं। इन्हें भी कहां नियम की परवाह है। अब हम स्कूल प्रिंसिपल के आफिस में जा रहे हैं।
स्कूल की वाइस प्रिंसिपल कह रही हैं कि स्कूल में क्लासरूम की कमी है जिसकी वजह से कुछ क्लासेज को बाहर बैठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि स्कूल के कुछ कमरों में स्पोर्ट्स विंग चल रही है जबकि कुछ कमरों में आजकल नेशनल कैंप की तैयारी के लिए आए हुए छात्र रह रहे हैं। यहां से हम निकल रहे हैं मिलरगंज सरकारी माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की तरफ।
समय 1.28 मिनट है। स्कूल माडल है इसलिए अध्यापक ने छात्रों को बाहर भी जमीन पर नहीं बैठाया है। छात्रों को गेट के बिल्कुल पास ही थड़े पर बैठाया गया है। इनको तो विभागीय नियमों की परवाह ही नहीं है। बस धूप जो सेकनी है।
सर्दियों में किसी भी तरीके से छात्रों को बाहर बैठाने की अनुमति नहीं है। स्कूल प्रिंसिपल और अध्यापक नियमों की पालना करें। इस संबंध में सभी स्कूलों को निर्देश पहले से ही जारी किए गए हैं। इस संबंध में प्रिंसिपल्स के साथ अगले सप्ताह बैठक की जाएगी और उन्हें इस संबंध में निर्देश दिए जाएंगे।
विचित्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी











