पार्षद के लिए जरूरी नहीं शिक्षा का पैमाना!
हनुमानगढ़. नगरपरिषद चुनाव में प्रत्याशियों के चयन में शिक्षा की कसौटी की एक बार फिर अनदेखी की गई है। प्रमुख राजनीतिक दलों ने भी इस तरफ गंभीरता नहीं दिखाई है। लिहाजा आगामी बोर्ड में गिने-चुने उच्च शिक्षित लोगों को ही सदस्य बनने का अवसर मिल सकेगा।
कांग्रेस व भाजपा प्रत्याशियों की बात करें तो दोनों पार्टियों ने 43 ऐसे प्रत्याशियों को पार्षद पद का दावेदार बनाया है जो अंडरमैट्रिक हैं। इनमें कांग्रेस के 22 तथा भाजपा के 21 प्रत्याशी हैं। कांग्रेस ने जहां 11 साक्षर प्रत्याशी उतारे हैं वहीं भाजपा ने दस।
दोनों दलों ने ऐसे 11-11 प्रत्याशियों को पार्षद पद के लिए ‘योग्य’ माना है जो महज पांचवी जमात तक पढ़े-लिखे हैं। इसी तरह 19 प्रत्याशी दसवीं जमात तक शिक्षित हैं। इनमें कांग्रेस के 12 व भाजपा के सात प्रत्याशी हैं। वहीं कांग्रेस चार व भाजपा के दो प्रत्याशी हायर सेकंडरी पास हैं। इसी तरह कांग्रेस ने तीन व भाजपा ने छह ग्रेजुएट को चुनाव मैदान में उतारा है।
चार वकील भी मैदान में: नगरपरिषद चुनाव में इस दफा विभिन्न वार्डो से चार वकील भी दावेदारी जता रहे हैं। इनमें कांग्रेस के वार्ड 32 से उदयपाल सारस्वत, भाजपा के वार्ड 15 से अरुण शर्मा, 19 से राजपाल व 20 से शफी मोहम्मद प्रतिष्ठा की लड़ाई लड़ रहे हैं।
चार उच्च शिक्षित महिलाएं भी: चार महिलाओं सहित सात प्रत्याशी एमए पास हैं, जिनमें वार्ड पांच से भाजपा प्रत्याशी विजयलक्ष्मी शर्मा, वार्ड 16 से सुषमा व 24 से पुष्पारानी एमए-बीएड डिग्रीधारक हैं तथा वार्ड एक से कांग्रेस प्रत्याशी सुमन डोटासरा, वार्ड 17 से भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार व वार्ड 24 से प्रेमकुमार एमए तक शिक्षित हैं।











