बैरी मौसम से ‘बंजर’ हुई हरियाली की उम्मीद!
सीकर. रूठे मौसम के कारण जिले को हरियाली की चादर ओढ़ाने का सपना टूटता नजर आ रहा है। बारिश नहीं होने के कारण हरित राजस्थान अभियान के अंतर्गत निर्धारित किया गया पौधरोपण लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। अभियान के अंतर्गत जिले के लिए 3300 हैक्टेयर में पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन बारिश नहीं होने से केवल 2500 हैक्टेयर क्षेत्र में ही पौधरोपण हो पाया।
अभियान के अंतर्गत वन विभाग को 2500 हैक्टेयर में पौधरोपण का लक्ष्य दिया गया था एवं अन्य विभागों व ग्राम पंचायतों को करीब 800 हैक्टेयर का। वन विभाग जहां करीब 2400 हैक्टेयर में ही पौधरोपण करा पाया, वहीं पंचायतों एवं अन्य विभागों की ओर से केवल 167 हैक्टेयर में ही पौधे लगाए जा सके। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि बारिश नहीं होने से लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। अगले साल लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
30 प्रतिशत पौधे नष्ट एक ओर जहां बारिश नहीं होने से अभियान के अंतर्गत पौधरोपण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया, वहीं दूसरी ओर जितने पौधे लगाए गए उनमें से भी करीब 30 फीसदी नष्ट हो गए हैं।
जानकारों के अनुसार वर्षा नहीं होना तो पौधों के नष्ट होने के बड़ी वजह है ही, साथ ही पौधों के रखरखाव का अभाव भी उनके नष्ट होने का बड़ा कारण है। पौधों के रखरखाव को लेकर कितनी सतर्कता बरती गई, इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तारपुरा हवाईपट्टी जहां अभियान का जोर-शोर से आगाज किया गया था, वहां लगाए गए बहुत से पौधे भी रखरखाव के अभाव में नष्ट हो गए हैं।
उतार-चढाव भरा आगाज हरित राजस्थान अभियान का आगाज काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। सबसे पहले दिक्कत अभियान की घोषणा होने के बाद पौधों को लेकर हुई। अभियान के अंतर्गत जिले में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया, लेकिन विभाग के पास सिर्फ 13 लाख पौधे ही थे। विभाग की ओर करीब 60-70 हजार पौधे मार्केट से गए खरीदे एवं शेष की व्यवस्था बीजारोपण कर की गई।
इतना ही नहीं अभियान की शुरुआत भी 11 दिन विलंब से हुई। पहले अभियान की शुरुआत सात जुलाई को वनमहोत्सव मनाकर की जानी थी, लेकिन मानसून में विलंब के कारण अभियान के विधिवत शुभारंभ की तिथि आगे खिसका दी गई।
ऐसे संभालें हरियाली पौधे ऊंचे व बड़ी पॉलिथीन की थैली में लगे हों। उन पर तीन- चार शाखाएं हों। बॉटनी प्रोफेसर निरंजनकुमार बावलिया के अनुसार एक पंक्ति में एक ही प्रजाति के पौधे लगाएं, क्योंकि कई बार एक पौधे के कारण दूसरे पौधे का विकास अवरुद्ध हो जाता है। उदाहरण के तौर पर सफेदा का पौधा अपने पास किसी अन्य पौधे को पनपने नहीं देता।
पौधे रोपने के लिए गड्ढे का आकार तीन फीट लंबा और उतना ही चौड़ा व गहरा होना चाहिए। गहरे गड्ढे में पौधे जल्दी जड़ पकड़ते हैं और तेजी से बढ़ते हैं। पौधे लगाने से पहले पौधे की प्लास्टिक की थैली को सावधानीपूर्वक काटकर निकाले और गड्ढे के बीचोंबीच रोपकर मिट्टी चढ़ाकर अच्छी तरह दबा दें।
पौधे के आसपास तीन फीट व्यास का मिट्टी की परिधि बनाए और उसमें भरपूर पानी डालें। पौधे के पास में बांस या लकड़ी गाड़कर सूंतली से बांधें।










