राज्य के तेल डिपो हटेंगे आबादी से
राजधानी हरियाणा. प्रदेश के रिहायशी और वाणिज्यिक क्षेत्रों में स्थापित तेल डिपो को अन्यत्र स्थानांतरित करने की कवायद शुरू हो गई है। इस व्यापक योजना पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। इस सिलसिले में मुख्य सचिव उर्वशी गुलाटी ने सोमवार को अधिकारियों की विशेष बैठक बुलाई।
बैठक में एक सूत्रीय एजेंडे के तहत प्रशासनिक अधिकारियों एवं प्रदेश के विभिन्न तेल कंपनियों के अधिकारियों से अपने प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पुख्ता करने को कहा गया। साथ ही, तेल कंपनियों को चेतावनी देते हुए अपने सुरक्षा साधनों की लगातार समीक्षा करने करने को भी कहा गया है। जयपुर स्थित सीतापुर इंडियन ऑयल तेल डिपो में लगी आग के बाद ‘दैनिक भास्कर’ ने 31 अक्टूबर को तेल डिपो की सुरक्षा पर एक विस्तृत खबर प्रकाशित की थी।
कंपनियों को हिदायत
मुख्य सचिव ने डिपो के स्थानांतरण के लिए तेल कंपनियों से व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे डिपो की पहचान करने को कहा गया है जो भीड़भाड़ वाले इलाकों में हैं। उन्होंने कंपनियों से मुख्य तौर पर तीन चीजें सुनिश्चित करने को कहा है — उनके उत्पाद सुरक्षित हैं, इनकी देख रेख ठीक तरह से की जा रही है तथा किसी तरह की लीकेज तो नहीं है जिससे भूमि या भूजल स्तर को नुकसान पहुंच रहा हो। कंपनियों की जिम्मेदारी तय करते डिपो में 24 घंटे सुरक्षा के उच्च मानदंड कायम रखने को भी कहा है।
आपदा प्रबंधन पर रणनीति
आपदा प्रबंधन पर भी एक विस्तृत रणनीति तैयार की जाएगी। औद्योगिक सुरक्षा विभाग के अधिकारियों से गुलाटी ने कारखाना अधिनियम के तहत समय-समय पर डिपो के निरीक्षण के निर्देश दिए। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा। बैठक में राजस्व, गृह विभाग एवं शहरी स्थानीय निकाय के वित्तायुक्त व प्रधान सचिव, अंबाला मंडल, पानीपत, झज्जर, हिसार तथा रेवाड़ी के डीसी, डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) के अलावा भारतीय तेल निगम व अन्य तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी भी थे।










