Tuesday, November 17, 2009 07:38 [IST]  

danik bhaskarमतदान के दिन बनेंगे ‘सहायता केन्द्र’

Bhaskar News

बीकानेर. अब तक नगर निगम में 55 वार्ड थे और इस वर्ष वार्ड 60 हो गए। मतदाताओं को यह मालूम नहीं कि उनका वार्ड किस क्षेत्र में है और उन्हें कहां मतदान करने जाना है। यह समस्या राज्य निर्वाचन आयोग तक पहुंच गई और इसी कारण आयोग ने प्रत्येक मतदान केन्द्र पर एक मतदाता सहायता केन्द्र बनाने का फैसला किया है।



आयोग ने जिले के रिटर्निग अधिकारियों को पत्र लिखकर केन्द्र बनाने के निर्देश दिए हैं। शहर में 335 बूथ हैं लेकिन सहायता केन्द्र प्रत्येक भवन में होगा। यहां संबंधित क्षेत्र की मतदाता सूची रहेगी। केन्द्र पर बीएलओ या उसके समकक्ष अधिकारी को बैठाया जाएगा। आयोग के सचिव की ओर से जारी पत्र यहां पहुंच चुका है और इस पर कार्रवाई शुरू हो गई है।



जानकारों का कहना है कि यदि सहायता केन्द्र ठीक ढंग से काम करते रहे तो लोगों को समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा वरना लोगों को बड़ी परेशानी होगी। हालांकि चुनाव प्रचार के बाद लोगों को वार्ड सीमा तो मालूम पड़ गई फिर भी किस बूथ पर उन्हें मतदान करना है इसकी जानकारी नहीं है।



यदि किसी मतदाता को बूथ ढूंढ़ने में परेशानी आ रही है तो वह संबंधित केन्द्र पर इसकी जानकारी हासिल कर सकता है। रिटर्निग अधिकारी आर.पी.मिश्रा ने बताया कि आयोग का पत्र यहां पहुंच चुका है और उसके मुताबिक अभी से तैयारी की जा रही है। मतदान टीम के साथ केन्द्र प्रभारी की भी डच्यूटी लगाई जाएगी ताकि मतदान के दिन सुबह से व्यवस्था दुरुस्त रह सके। केन्द्र सक्रिय रहे इसलिए निरीक्षक भी लगाए जाएंगे।



रैंप भी बनेंगे



निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक प्रत्येक मतदान केन्द्र पर रैंप की व्यवस्था की जाएगी। यह निर्देश उन केन्द्रों के लिए है जहां केन्द्र ऊंचा और सड़क नीची है। यह व्यवस्था वृद्ध लोगों के लिए की जाएगी ताकि सीढ़ी चढ़ने में उन्हें परेशानी नहीं हो। जिला प्रशासन ऐसे केन्द्रों की सूची तैयार करवा रहा है जो सड़क से ऊंचे हैं। ऐसे केन्द्रों पर रैंप बनाए जाएंगे।

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