शॉर्प शूटर नंदू भी गिरफ्तार
कोटा. पांच हत्याओं का आरोपी व गैंगस्टर भानुप्रतान गिरोह का मुख्य शूटर नरेन्द्रसिंह उर्फ नंदू आखिर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने नंदू को पांच बदमाशों सहित महावीर नगर क्षेत्र से डकैती की योजना बनाते समय रविवार रात गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पिस्टल व अन्य धारदार हथियार भी बरामद किए गए हैं। नंदू की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 4 हजार रुपए का ईनाम घोषित कर रखा था।
एसपी भूपेन्द्र साहू के अनुसार पिछले दिनों सूचना मिली थी कि नंदू कोटा के आसपास के क्षेत्र में है। इस पर एएसपी अंशुमान सिंह भौमिया व महावीर नगर सीआई मानाराम गर्ग के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। टीम को रविवार की रात पता चला कि नंदू अपने कुछ साथियों के साथ रंगबाड़ी योजना के एक मकान में छिपा हुआ है।
मकान पर दबिश दी तो वहां नंदू, भीमा उर्फ भीमसिंह उर्फ राघवेन्द्र सिंह , राहुल उर्फ बबलू बना, रामगोपाल गुप्ता व पुरुषोत्तम मीणा डकैती की योजना बना रहे थे। तलाशी मंे पुलिस को वहां से दो पिस्टल, दो कारतूस, एक तलवार, एक छुरा व चोरी की दो बाइक मिली। अन्य साथियों के संबंध में पूछताछ करने के लिए पुलिस ने नंदू व भीमा को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
बैरागी और बृजराज सिंह हत्याकांड में शामिल था
उद्योग नगर क्षेत्र में लाला बैरागी हत्याकांड तथा चित्तौड़गढ़ जिले के मेनाल क्षेत्र में बृजराज सिंह व जितेन्द्र सिंह की हत्या भानुप्रताप सिंह गिरोह ने की थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि दोनों ही वारदातों में नंदू कॉमन था और उसी ने गोलियां चलाई थी, जिससे तीनों की मौत हुई। घटना के बाद नंदू वारदात में प्रयुक्त गोवा से चुराई कार लेकर फरार हो गया था। तभी से उसकी तलाश की जा रही थी।
इनकी अभी भी है तलाश
भानुप्रताप गिरोह के बदमाश व तीन हत्याओं के मामले में पुलिस को अभी चार बदमाशों राजेश कमांडो, सत्येन्द्र सिंह उर्फ भाया, सुमेर सिंह व रमेश दौलतपुरिया की तलाश है। भानुप्रताप, वसीम व नेमीचंद पूर्व में गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुरस्कृत होंगे पुलिसकर्मी
आईजी राजीव दासोत ने कुख्यात बदमाश नंदू को पकड़ने वाले सीआई मानाराम गर्ग, एएसआई राजपाल, हैड कांस्टेबल बाबूलाल पारेता, कांस्टेबल भूपाल सिंह, देवेन्द्रसिंह व मोहम्मद खालिक तथा होमगार्ड जवान राजेन्द्र को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
वाहन चोर से बना शूटर
नंदू के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट के करीब 16 मुकदमे कोटा, उदयपुर, भीलवाड़ा व नदबई मंे दर्ज हंै। नंदू पहले दो व चार पहिया वाहन चोरी करता था। सेंट्रल जेल मंे उसकी मुलाकात भानुप्रताप से हुई। भानु ने उसे अपनी गैंग में शामिल कर लिया और हथियार चलाना सिखाया। नंदू बाद में भानु गिरोह का शार्प शूटर बन गया।










