Tuesday, November 17, 2009 08:09 [IST]  

danik bhaskarसेना ने माना हाई एक्सप्लोसिव

Bhaskar News

कोटा. स्टेशन क्षेत्र की महात्मा गांधी कॉलोनी में हुए रविवार को हुए विस्फोट के मामले सेना का मानना है कि जिससे भी विस्फोट हुआ वह काफी हाई एक्सप्लोसिव (विस्फोटक)था। विस्फोटक किसी सुरक्षा एजेंसी का था या आपराधिक संगठन का, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। मामले की जांच कर रही टीम कबाड़ी के ट्रैक को ट्रेस करने में जुटी हुई है।



एसपी भूपेन्द्र साहू के अनुसार इस मामले में विस्फोटक कौन सा था और कबाड़ी गिर्राज तक कैसे पहुंचा, इन दो बातों की जांच अहम है। इसका पता लगाने के लिए सेना के अधिकारियों से भी बात की गई थी। घटनास्थल से मिले टुकड़ों को देखकर वे केवल इतना ही बता सके कि जिससे भी विस्फोट हुआ वह विस्फोटक काफी प्रभावी था।



बरामद टुकड़े इतने छोटे हैं कि उसे देखकर इस बात का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि वह क्या हो सकता है। उसका रूप कैसा रहा होगा तथा उसमें कितना व किस प्रकार का विस्फोटक भरा होगा। इस बारे प्राथमिक जांच में कुछ भी नहीं कहा जा सकता। टुकड़ों को एफएसएल भिजवाया गया है। विशेषज्ञों की जांच के बाद ही कुछ नतीजा निकल सकेगा।



दूसरी ओर इस मामले की जांच के लिए गठित की गई टीम कबाड़ी गिर्राज के बारे में जानकारियां जुटाने में लगी हुई है। गिर्राज फेरी लगाकर कबाड़ा खरीदता था। उस दिन अथवा उससे एक—दो दिन पूर्व गिर्राज कहां—कहां गया था और उसका क्षेत्र क्या है। ऐसे लोगों से भी पूछताछ की है जिन्होंने गिर्राज को कुछ समय पूर्व देखा था।



लुहार मन्ना की घायल पत्नी मेम बाई से भी दुबारा पूछताछ की गई, लेकिन वह भी उस वस्तु के बारे में कोई ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रही है। उसका कहना था कि उसने केवल गिर्राज को कुछ लाते देखा था वह क्या था इस बारे में उसे भी नहीं पता।



उल्लेखनीय है कि रविवार की सुबह लुहार मन्ना के पास गिर्राज कबाड़ी कोई वस्तु लाया था। जिसे भट्टी में गर्म करके पीटते समय उसमें विस्फोट हो गया था। जिसमें मन्ना, उसके बेटे कमल व गिर्राज की मौत हो गई थी तथा घटनास्थल के आसपास मौजूद 8 जने घायल हो गए थे।



कोटा के आसपास नहीं है फायरिंग रेंज



एसपी के अनुसार कोटा के आसपास किसी भी सुरक्षा एजेंसी की ऐसी कोई फायरिंग रेंज नहीं है जहां बम, मोर्टार अथवा भारी विस्फोटक का युद्धाभ्यास किया जाता हो। जोधपुर व बीकानेर की तरफ इस तरह की रेंज है। इससे यह भी आशंका है कि यह कबाड़ कोटा के बाहर से आया हो। उसका चेनल क्या रहा, इस बारे में तफ्तीश की जाएगी।

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