कहीं घी घणा, कहीं थोथा चणा
कोटा. ‘कहीं घी घणा, कहीं थोथा चणा’ हाड़ौती की यह कहावत पार्षद के चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों पर सटीक बैठती है। इस चुनाव में दो प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी संपत्ति का आंकड़ा 1 करोड़ के पार है, वहीं दो ऐसे भी हैं जिनके पास संपत्ति के नाम पर कुछ भी नहीं है। करोड़पति प्रत्याशी में एक पुरुष व दूसरी महिला है। जबकि, बिना संपत्ति वाली दोनों प्रत्याशी महिला है। कांग्रेस व भाजपा के पास समान रूप से सर्वाधिक व सबसे कम संपत्ति वाले एक—एक प्रत्याशी हैं।
नगर निगम चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों ने जो घोषणा पत्र भरा है उसमें लिखी गई संपत्तियों पर नजर डालें तो 120 में से ऐसे दो प्रत्याशी हैं जिनके पास संपत्ति के नाम पर कुछ भी नहीं है। वहीं ऐसे प्रत्याशियों की संख्या सर्वाधिक है जो लखपति हंै। भाजपा की करोड़पति प्रत्याशी की संपत्ति 1 करोड़ 25 लाख रुपए है, वहीं कांग्रेस की करोड़पति प्रत्याशी इससे मात्र 12 लाख कम यानी 1 करोड़ 13 लाख की मालकिन है।
आधे करोड़पति यानि 50 से 99 लाख तक की संपत्ति वाले 37 प्रत्याशी हैं। 16 प्रत्याशी ऐसे हैं जिनकी संपत्ति का आंकड़ा लाख भी छू नहीं सका। सबसे बड़ी संख्या 55 ऐसे प्रत्याशियों की है जो लखपति तो हैं, लेकिन उसकी संपत्ति दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। वे 1 से 9 लाख रुपए तक की संपत्ति पर ही रह गए।
करोड़पति प्रत्याशियों के पास ये है
करोड़पति दोनों ही प्रत्याशियों के पास लाखों रुपए की कीमत वाली जमीन व मकान तथा सोने के आभूषण है। सर्वाधिक संपत्ति 1 करोड़ 25 लाख वाले प्रत्याशी के पास करीब ४ हैक्टेयर कृषि भूमि, पौने दो लाख के जेवरात हैं, बावजूद इसके इनके पास खुद का मकान नहीं है। बैंक खाते में मात्र 717 रुपए जमा हैं। वहीं उनके ऊपर सात लाख रुपए का लोन बाकी है। दूसरे नंबर की करोड़पति प्रत्याशी के नाम50 बीघा पुश्तैनी जमीन है। उनके बैंक खाते में 1 लाख रुपए जमा है।
उम्र भी कम, खजाना भी खाली
जिस प्रत्याशी का खजाना खाली है उनमें से एक प्रत्याशी वह है जो सबसे कम उम्र की है। वह अपने पिता के साथ रहती है और उसने अपने घोषणा पत्र में सम्पत्ति के सभी खानों में ‘नहीं’ शब्द लिख रखा है।










