इंजीनियरों को वेतन के लाले
ग्वालियर. हरसी हाई लेबल नहर परियोजना घोटाले में शामिल इंजीनियरों को अब वेतन के लाले पड़ गए हैं। उनके बैंक खाते सीज होने के कारण वे वेतन राशि की निकासी नहीं कर सकते।
कार्यपालन यंत्री बरजोर सिंह यादव, सीएम मिश्रा, एके दीक्षित, राजेश श्रीवास्तव, आरके नाहर व उदय लाले के आवासों पर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने छापामार कार्रवाई करते हुए नगदी, सोने-चांदी के जेवर व दस्तावेज जब्त किए थे। जब्ती की कार्रवाई के साथ ही ईओडब्ल्यू ने सभी इंजीनियरों के बैंक खाते भी सीज कर दिए हैं।
इंजीनियरों का वेतन अब उनके बैंक खाते में जमा तो होगा लेकिन धनराशि निकाली नहीं जा सकेगी। इंजीनियरों को अपना वेतन पAाप्त करने के लिए अब न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी। उन्हें अदालत में आवेदन देकर बैंक खाते को ऑपरेट करने की स्वीकृति पAाप्त करनी होगी।
दूसरा विकल्प यह है कि वे नया खाता खोलें और विभाग को अपना वेतन नए खाते में डालने का आवेदन दें। चूंकि पांच इंजीनियर निलंबित चल रहे हैं, इसलिए उन्हें आधा वेतन ही मिलेगा। मुख्य अभियंता सेवानिवृत्ति हो चुके हैं, जबकि एक कार्यपालन यंत्री अभी विधिवत कार्यरत हैं।










