Tuesday, November 17, 2009 08:19 [IST]  

danik bhaskarकार्यकर्ताओं ने सौंपे इस्तीफे

Bhaskar News

kotaकोटा. पूर्व शहर अध्यक्ष व महामंत्री को निलंबित करने से भाजपा में विद्रोह शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ रहे विद्रोही प्रत्याशियों के समर्थन में खुलकर प्रचार करने की घोषणा कर दी है।



एक निर्दलीय प्रत्याशी के कार्यालय का शुभारंभ करने के कारण पूर्व अध्यक्ष महेश विजयवर्गीय व महामंत्री रवीन्द्रसिंह सोलंकी को प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने निलंबित कर दिया। इसके विरोध में लगभग 3क्क् पार्टी कार्यकर्ता सोमवार को रावतभाटा रोड स्थित स्वामी शांतिप्रकाश हॉल में एकत्रित हुए।



सभी ने एक स्वर में प्रदेश अध्यक्ष के निर्णय की आलोचना करते हुए पूर्व प्रदेशाध्यक्ष प्रो. ललित किशोर चतुर्वेदी के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि चतुर्वेदी भाजपा को अपनी जेबी संस्था बनाकर कार्य कर रहे हैं। वे चुन—चुनकर पार्टी के निष्ठावान पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखा रहे हैं, उन लोगों के इशारे पर कार्य किया जा रहा है, जो विधानसभा चुनावों में निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन में खुलकर चुनाव मैदान में उतरे थे।



विधायकों को बनाया टार्गेट



वियवर्गीय व सोलंकी ने बताया कि पार्टी ने पार्षद व महापौर का टिकट देने में कोई पादर्शिता नहीं अपनाई। उन लोगों को इसमें शामिल नहीं किया गया, जो शहर के बारे में जानकारी रखते हैं, यहां तक की दोनों विधायक (ओम बिरला, भवानीसिंह राजावत) दो दिन तक जयपुर में बैठे रहे, लेकिन टिकट फाइनल करते समय उन्हें बुलाया तक नहीं गया। जिस प्रकार से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, उससे यही लगता है कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चतुर्वेदी दोनों विधायकों को टार्गेट बनाने वाले हैं।



भाजपा अब एलसीजेपी



उन्होंने कहा कि भाजपा अब राजस्थान में एलसीजेपी (ललित चतुर्वेदी जेब पार्टी) बनकर रह गई है। जैसा वे चाह रहे हैं, वैसा ही हो रहा है। कोटा में उनके कहने पर ही हमारा निलंबन किया है, हालांकि अभी उन्हें निलंबन का पत्र नहीं मिला। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी वही कर रहे हैं जैसा ललित किशोर चतुर्वेदी चाह रहे हैं। उनके आपसी रिश्ते जगजाहिर हैं।



प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा



पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूर्व उपाध्यक्ष हरभजनसिंह आनंद, पवन अग्रवाल, सतीश गोपालानी, पूर्व जिला मंत्री महेश शर्मा बबलू, पूर्व पार्षद मदन गोपाल झांझोट, पार्षद महेश गौतम लल्ली, पूर्व युवामोर्चा अध्यक्ष महीपसिंह सोलंकी, पूर्व मोर्चा महामंत्री हेमराजसिंह हाड़ा, पूर्व मंत्री मयंक सेठी के नेतृत्व में हाथ खड़े करके पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की।



रिपोर्ट मिलने पर होगी कार्रवाई



प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कोटा में हुए विद्रोह के बारे में कहा कि अभी उनके पास इसकी जानकारी नहीं पहुंची है। जानकारी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसका पार्टी के संविधान में प्रावधान है, कोई भी व्यक्ति पार्टी से बड़ा नहीं हो सकता। किसी के जाने व आने से पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ता। अनुशासन, विचार व निष्ठा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।



19 वार्डो में खुलकर कार्य करेंगे



पार्टी से निलंबित महेश विजयवर्गीय व रवीन्द्र सोलंकी ने इस अवसर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे अब लक्ष्मणरेखा से बाहर आ गए हैं। अब 19 वार्डो में निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे पार्टी के कार्यकर्ताओं का खुलकर कार्य करेंगे। वे जानते हैं कि इसमें महापौर की प्रत्याशी को भी नुकसान होगा।



कांग्रेस ने 23 को निकाला



बागी होकर चुनाव लड़ने वाले 23 नेताओं को छह साल के लिए कांग्रेस से निकाल दिया है। निकाले गए नेताओं में गंगानगर नगर परिषद के पूर्व सभापति जगदीश जांदू, भरतपुर नगर परिषद में सभापति पद की बागी उम्मीदवार अशर्फी देवी और बांसवाड़ा नगरपालिका चेयरमैन के बागी उम्मीदवार नाजिर मंसूरी शामिल हैं। इसके अलावा ब्यावर से 18 और भरतपुर व बांसवाड़ा से एक एक बागी उम्मीदवार को कांग्रेस से निकाला गया है।

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