Tuesday, November 17, 2009 08:38 [IST]  

danik bhaskarबहुत ही इंटरेस्टिग चोर हैं ये..

Bhaskar News

जबलपुर. इस युवक की तस्वीर को गौर से देखिए.. हो सकता है कि कभी किसी होटल में हुई आपके सामान की चोरी का माल भी इसी के पास हो। पुलिस कह रही है कि जितेन्द्र नाम का यह युवक शातिर चोर (आरोपी) है। वह पूरे देश में घूम-घूम कर अनूठे अंदाज में चोरियां करता है।



उसे यह भी याद नहीं कि वह अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दे चुका है। जितेन्द्र पहली बार पुलिस के हाथ आया है। यह बात भी सच है कि इस तरह के शातिर आरोपी से जबलपुर पुलिस का सामना भी पहली बार हुआ है।



दुबला-पतला लेकिन पहनावे और शक्ल से स्मार्ट दिखने वाला 33 वर्षीय जितेन्द्र महाराष्ट्र, रायगढ़ जिले के ग्राम रोहा (दमरवाड़ी) का रहने वाला है। मामा के अलावा उसका दुनिया में अपना कोई नहीं है, लेकिन वह अपने मामा से भी पिछले लगभग 12 साल से नहीं मिला। उसकी किस्मत ने धोखा दिया, जो वह जबलपुर आ गया और एक घटना ने उसे पुलिस लॉकअप तक पहुंचा दिया।



रिमांड पर लेगी पुलिस चोरी के मामलों में पूछताछ हेतु बालाघाट, महाराष्ट्र आदि की पुलिस टीमें जबलपुर आ रही हैं। चोरियों का राज खुलवाने के लिए जितेन्द्र को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।




भारत का नक्शा जितेन्द्र मनमौजी स्वभाव का है। वह अपने बैग में इसीलिए भारत का नक्शा रखे हुए है कि वह शहर का नाम पढ़कर कहीं भी चल देता है। वह किसी भी शहर में कुछ दिन अलग-अलग होटलों में रुककर वारदातों को अंजाम देता और वहां से निकल लेता है। वह 10 नवम्बर को आकर पवार होटल में रुका और वारदात के बाद उसने होटल बदल लिया था।





चोरी और जमकर शॉपिंग प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी जितेन्द्र ने पुलिस को बताया है कि महाराष्ट्र, आन्ध्रप्रदेश, चेन्नई, मध्यप्रदेश, केरल समेत अन्य राज्यों के सैकड़ों शहरों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। वह चोरी के पैसों से जमकर खरीदी और ऐश करता था।



उसकी डायरी में उसकी अय्याशी के अंदाज भी दर्ज हैं। उसने बालाघाट में भी एक होटल में चोरी करना स्वीकार किया है। उसका स्टाइल ऐसा है कि वह पुलिस के हाथ कभी नहीं लग पाया।




यह था चोरी का अंदाजसीएसपी श्री तिवारी के अनुसार आरोपी जितेन्द्र जिस होटल में जाकर रुकता था, उसके रूम की डुप्लीकेट चाबी बनवा लेता था और रूम खाली कर देता था। कुछ दिन बाद वह पुन: उसी होटल में जाता और नाम बदलकर वहां रुक जाता था।



दूसरी बार उसे दूसरा रूम मिलता। वह वहां रहकर उस रूम में रुके लोगों का सामान चुरा लेता था, जिसकी डुप्लीकेट चाबी उसने पहले बनवा ली थी। उसके पास थैले में मिलीं 60-70 चाबियों में बाकायदा कागज के टेग लगे हुए हैं। उन टेगों में संबंधित शहर व होटल का नाम और रूम नम्बर लिखा हुआ है।




चोरियों की लम्बी फेहरिस्त सीएसपी सुनील तिवारी ने बताया कि 13 नवम्बर को पवार होटल में रुके पवई निवासी जनार्दन श्रीवास्तव के रूम से उनके दो मोबाइल चोरी हो गए। मौके पर कुछ ऐसे साक्ष्य मिले, जिससे शक की सुई रूम नम्बर 40 में रुके व्यक्ति की ओर गई, लेकिन वह व्यक्ति रूम छोड़कर भाग चुका था।



एसपी अनंत कुमार सिंह के निर्देशन व एएसपी मनीष कपूरिया के मार्गदर्शन में छानबीन हुई तो पता चला कि रूम छोड़कर भागा वह व्यक्ति जितेन्द्र जैन है, जिसने होटल में अपना नाम सुरेश गादिया लिखाया है। होटल कर्मियों द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर खोजबीन करते हुए बस स्टैंड पुलिस चौकी प्रभारी राकेश तिवारी, प्रधान आरक्षक रामआशीष, नरेश पटेल, संतोष पांडेय, आरक्षक मुरारी, रोहणी और उनकी टीम ने जितेन्द्र को सिविक सेन्टर के समीप दबोच लिया।



पुछताछ शुरू हुई तो पुलिस भी हैरान रह गई। दरअसल जितेन्द्र ने पुलिस को बताया कि वह पिछले आठ वष्रो से लगातार चोरियां कर रहा है। उसे यह भी याद नहीं आ रहा कि अब तक वह कितनी वारदातों को अंजाम दे चुका है। जो याद आया उनमें चोरी की लगभग 38 वारदातों का किस्स उसने पुलिस को सुनाया है।

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