Tuesday, November 17, 2009 09:25 [IST]  

danik bhaskarनहीं बन पा रही है 15 करोड़ रुपए की नई जेल

Bhaskar News

रतलाम. लगभग 100 साल पुरानी जिला जेल के लिए नई जेल का प्रस्ताव दो माह से प्रशासन के पास अटका हुआ है। ना तो नई जेल के लिए जमीन आवंटित हो पा रही है और ना ही कैदियों को राहत मिल पा रही है। रतलाम जिला जेल में क्षमता से दोगुना कैदी ठूंसे हुए हैं। जबकि राज्य शासन के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने राशि भी मंजूर कर रखी है और सिर्फ भू-आवंटन को लेकर मामला उलझा है।



वर्तमान जेल का उपयोग भी व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के रूप में किया जा सकता है जिससे शासन को बड़े राजस्व की प्राप्ति होगी। इसको लेकर किसी भी जिम्मेदार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। राज्य शासन की ओर से नई जेल बनाने के लिए प्रथम आवंटन के रूप में लगभग १५ करोड़ रुपए की राशि लोकनिर्माण विभाग को स्वीकृत की गई है किंतु भूमि चयन को लेकर जेल व जेलप्रशासन के मध्य सामंजस्य नहीं है।



जेल प्रशासन के अनुसार जिला प्रशासन यदि जमीन आवंटित करता है तो नई जेल बनाई जा सकती है। यह नई जेल पांच सौ कैदियों की क्षमता वाली होगी। वर्तमान में जिला जेल की क्षमता २२क् पुरुष व पांच महिला कैदी की है।



क्षमता से ज्यादा हैं कैदी- २२५ क्षमता वाली जिला जेल में लगभग ४२५ कैदी हैं, उनमें से २२ महिलाएं हैं जबकि महिला कैदी की क्षमता मात्र पांच की है। यानी क्षमता से महिला कैदियों की संख्या पौने पांच गुना है। इसके अलावा पुरुष कैदियों की संख्या ३९६ है इनमें से ८५ मियादी, छह साधारण बंदी और चार दिवानी मामलों में बंदी हैं। इनमें विचाराधीन कैदियों की संख्या लगभग १८८ है। इस तरह लगभग ४२५ से अधिक कैदी जिला जेल में सजा काट रहे हैं।




मेडिकल कॉलेज व कमर्शियल उपयोग हो सकता है- ग्राम निवेश योजना के तहत वर्तमान जिला जेल को यदि यहां से स्थानांतरित किया जाता है तो जिला जेल की लगभग सवा लाख स्क्वेयर फीट जमीन का उपयोग या मेडिकल कॉलेज के रूप में किया जा सकता है या फिर इसके कमर्शियल उपयोग के लिए दिया जा सकता है।



नई जेल के लिए १५ करोड़ रु. स्वीकृत राशि के अलावा जिला जेल की जमीन के व्यावसायिक उपयोग पर लगभग ५क् करोड़ रुपए की आवक और हो सकती है इस तरह शासन को करोड़ों रुपए की आय मात्र जेल के शिफ्टिंग से हो सकती है। जेल प्रशासन द्वारा दो वर्ष पूर्व कराए गए मूल्यांकन पर रजिस्ट्रार कार्यालय ने इस जमीन की कीमत प्रति स्क्वेयर फीट दो हजार ८क्क् रुपए बाजार मूल्य बताया था।



इस तरह इस जमीन की कीमत दो वर्ष पूर्व ३५ करोड़ आंकी गई है। जाहिर है वर्तमान कीमत में लगभग दोगुना इजाफा हुआ है। इस लाभ के सौदे को भी प्रशासन नहीं भुना पा रहा है।



नई सर्कल जेल बनेगी- नई जेल पांच सौ कैदियों की क्षमता वाली बनने के साथ ही सर्कल जेल के रूप में बनाई जाएगी जहां पर सैलाना, जावरा, गरोठ, मंदसौर, नीमच आदि जेलों के कैदी रखे जा सकेंगे। सामान्य तौर पर माना जाता है कि पांच सौ कैदी क्षमता वाली जेल में ७५क् कैदी रखे जा सकते हैं।




जमीन आवंटन में क्या है परेशानी- नई जेल के लिए महू-नीमच राजमार्ग पर लगभग साढ़े तीन किलोमीटर दूरी पर लैंडमार्क मोटर्स के समीप एक जमीन का आवंटन किया जाना प्रस्तावित है, यह जमीन पूर्व से ही शासन द्वारा किसी शैक्षणिक संस्था को आवंटित की गई है ऐसे में नई जेल के लिए वह जमीन आवंटित की जाती है तो शैक्षणिक संस्था की जमीन का आवंटन निरस्त करना पड़ेगा।



प्रशासन ने इसके लिए कार्रवाई शुरू भी की है किंतु अभी शैक्षणिक संस्था की ओर से कोई भी जिला प्रशासन को प्राप्त नहीं हुआ है।

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