शिवराज पाटिल लिख रहे हैं आत्मकथा
मुंबई.
मुंबई में पिछले साल 26 नवंबर को हुए आतंकवादी हमलों के चलते केंद्रीय गृहमंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले शिवराज पाटिल इन दिनों अपनी आत्मकथा लिखने में व्यस्त हैं। हालांकि, उनका कहना है कि उनकी किताब में कोई ‘मसालेदार’ चीज नहीं होगी। पाटिल ने कहा, ‘मैं सनसनी पैदा करने या धन कमाने के लिए नहीं आत्मकथा लिख रहा। किताब घटनाओं का दस्तावेज होगी।’ वे आत्मकथा के कुछ अंशों को ‘फिर से लिख रहे’ हैं।
74 वर्षीय पाटिल ने क हा , ‘‘मेरी आत्मक था न तो मेरे खुद के बचाव पर केंद्रित है और न ही यह कि सी की आलोचना क रने का प्रयास है । यह नीतियों , उनके कार्यान्वयन और उन्हें लागू करने में आई क ठिनाइयों क े बारे में है ।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या किताब अगले साल प्रकाशित होगी ,पाटिल ने कहा ,‘‘कोई समयसीमा नहीं है। यह क भी भी प्रकाशित हो सकती है ।’’
उन्होंने क हा , ‘‘यह एक संतुलित कि ताब है । मैं स्थानीय , राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर क ाम क र चुक ा हूं । कि ताब सरक ार में इन स्तरों पर मेरे क ार्यक ाल और राजनीति क ा रिक ॉर्ड है । इसमें मरे निजी जीवन का भी थोड़ सा जिक ्र है और यह नगर निगम क े अध्यक्ष तथा राज्य और केंद्र सरकार में मंत्री पदों पर मेरे अनुभवों को बयां क रती है ।’’










