हॉकी के चुनाव समय सीमा में हो
नई दिल्ली. खेल मंत्री एमएस गिल ने एक बार समय सीमा से चूकने के बाद हॉकी इंडिया को ताकीद करते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय महासंघ द्वारा फरवरी में निर्धारित तारीख पर चुनाव करवाने में विफल रहकर देश को नीचा नहीं दिखाएं।
गिल ने सोमवार को केंद्रीय विद्यालय संगठन राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में कहा कि हॉकी इंडिया 18 नवंबर को चुनाव नहीं करा पाया और एफआईएच ने समय सीमा अगले साल फरवरी तक बढ़ा दी है। मैंने इसे स्वीकार किया है और हॉकी इंडिया को इस समय तक चुनाव जरूर करा लेना चाहिए।
इसके लिए हॉकी इंडिया को पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी राज्यों में पुरुष और महिलाओं के लिए एक ही इकाई का गठन हो। खेल मंत्री ने कहा एफआईएच उपाध्यक्ष एंटोनियो वोन ओंदारजा के साथ मेरी बैठक हुई है और इससे पहले एफआईएच प्रमुख लियोनाडरे नेगरे के साथ मुलाकात हो चुकी है।
उन्होंने दो बातें कहीं। पहली भारत में पुरुष और महिलाओं के लिए एक हॉकी इंडिया होना चाहिए और दूसरी सही समय पर संस्था का निर्वाचन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हॉकी इंडिया के चुनाव देश की लोकतांत्रिक परंपरा के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी होना चाहिए।
इससे पहले स्पर्धा का उद्घाटन करते हुए गिल ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों की धीमी गति का कारण शुरू-शुरू में इन खेलों के प्रति अधिकारियों का ढीला रवैया रहा।
उन्होंने कहा हमें 2003 में खेल मिल गए थे और उस हिसाब से हमें पिछले साल ही इन खेलों का निर्माण कार्य पूरा कर लेना चाहिए था या फिर ज्यादा से ज्यादा इस साल के शुरू में पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया क्योंकि शुरू में अधिकारियों ने ढीला रवैया अपनाया लेकिन अब प्रधानमंत्री और उनके कैबिनेट के सभी साथी इन खेलों के लिए प्रतिबद्ध हैं कि तैयारियों में और कोई समस्या नहीं आए।
हमें इन खेलों का सफल आयोजन करना है और हम यह करेंगे। समारोह में मौजूदा करीब सात हजार बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि वह भारतीय खेल का भविष्य है। उन्होंने कहा अगर हमें ओलिंपिक या विश्व प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक चाहिए तो हमें आप लोगों (बच्चों) से शुरू करना होगा। आप लोग भविष्य हो। उन्होंने कहा हमें युवा प्रतिभाशाली राफेल नडाल, स्टेफी ग्राफ, डेल पेट्रो की तलाश करना होगी जो बचपन से ही विजेता बनना शुरू हो गए थे।










