जैन साधुओं के हादसों से संबंधित ब्योरा मांगा
अहमदाबादपुलिस आयुक्त एस.के. साइकिया ने शहर के सभी पुलिस थानों से पिछले तीन साल के दौरान जैन साधु-साध्वियों की हादसों में हुई मौत का ब्योर मंगवाया है। पुलिस नियंत्रण कक्ष से इससे संबंधित सूचना जारी कर दी गई है।
गुजरात के महेसाणा और राजस्थान मेंआए दिन हो रहे जैन साधु-साध्वियों की हादसों में मौत को लेकर जैन समाज में रोष व्याप्त है। इन हादसों को जैन साधुओं ने साजिश करार दिया और राजस्थान के एक सामाजिक संगठन अनोप मंडल पर जैन साधुओं की हत्या की साजिश रचने का आरोप भी लगाया था। इन हादसों को लेकर जैन समाज में उठे बवाल के मद्देनजर राज्य सरकार ने इन हादसों की जांच सीआईडी से कराने के आदेश दिए । इसकी जांच सीआईडी क्राइम के एडीजी वीवी रबारी को सौंपी गई है।
उधर जैन साधुओं के हादसे में कथित तौर पर एक संस्था का हाथ होने के आरोपों के कारण आयुक्त कार्यालय के स्पेशल ब्रांच ने इस संस्था से संबंधित जानकारी एकत्रित करने की कवायद आरंभ कर दी है। सोमवार की सुबह सभी पुलिस थानों को एक सूचना भेजकर इस संस्था से जुड़ी जानकारी और संबद्ध व्यक्तियों का संपूर्ण विवरण स्पेशल ब्रांच को सुपुर्द करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क हादसों में जैन साधु-साध्वियों को निशाना बनाए जाने के कथित षडयंत्र को लेकर गुजरात में जैन समाज में तीखी प्रतिक्रिया दिख रही है।
गच्छाधिपति जैनाचार्य अभयदेव सूरीश्वरजी महाराज साहब ने सोमवार को जैनधर्म तीर्थ पलिताणा में कहा कि ऐसे षड़यंत्र के खिलाफ जैन समाज को एक हाथ शास्त्र व दूसरे में शस्त्र लेकर कदम उठाने होंगे। उन्होंने दिवंगत जंबूविजयजी महाराज साहब के सम्मान में पालिताणा के वाव क्षेत्र की धर्मशाला में आयोजित विराट गुणानुवाद सभा में यह बात कही। महाराज साहब इसी धर्मशाला में विराजे हुए हैं। ज्ञात हो बीते शुक्रवार को इन्हीं महाराज साहब को एक धमकी भरा पत्र मिला था। इस पत्र में अनोप मंडल के एक सदस्य का नाम लिखा हुआ है।
इस मामले में पालीताणा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने धानेरा में अनोप मंडल के सदस्यों से पूछताछ भी की है। हालांकि अनोप मंडल ऐसे किसी कृत्य से इंकार कर चुका है।
48 घंटे में जवाब नहीं तो होगा आंदोलन : महाराज साहब ने यह भी कहा कि पूरे मामलों की जांच गुजरात सरकार ने सीआईडी-क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। इस जांच का जवाब 48 घंटे में नहीं मिला तो जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। आयोजन में राज्य भर से पहुंचे जैन समाज के पदाधिकारी और श्रृध्दालुओं ने शिरकत की। उधर जैन समाज के कई पदाधिकारियों ने रविवार को एक बैठक के बाद जैन साधु-साध्वियों को विहार के समय स्थानीय थानों द्वारा सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की।










