धुरंधरों का ढहना समझ से परे
टेस्ट शुरू होने के एक घंटे के भीतर भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज पैवेलियन वापस लौट चुके थे। पिच ऐसी नहीं है कि प्रमुख बल्लेबाज इतनी जल्दी-जल्दी आउट हो जाएं।
चनाका वेलेगेदेरा ने कुछ बहुत अच्छी गेंदे फेकी। सचिन तेंडुलकर को उसने बेहद सुंदर गेंद डाली। इसके बावजूद शीर्ष बल्लेबाजी का ढ़हना समझ से परे है। राहुल द्रविड़ ने बहुत सोच समझकर बल्लेबाजी की।
उसने मुरलीधरन की स्पिन गेंदबाजी का भी पूरे आत्मविश्वास के साथ सामना किया। वह अपने पूरे फॉर्म में दिख रहा था। युवराज सिंह की बल्लेबाजी भी दर्शनीय थी। मुरली के विरुद्ध उसका फुटवर्क देखने योग्य था। भारत की पारी ढहने से बचाने में युवराज की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
युवराज सिंह के जाने के बाद धोनी ने पारी को संभाला। महेंद्र सिंह धोनी व युवराज सिंह की बल्लेबाजी से सिद्ध हो गया कि पिच बल्लेबाजी के लिए सहायक है व शीर्ष क्रम के जल्दी आउट होने को कोई औचित्य नहीं था।
भारतीय गेंदबाजों को भी विकेट लेने के लिए खासी मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि पिच गेंदबाजों की सहायता नहीं कर रही है। ज़हीर खान व इशांत शर्मा से काफी उम्मीदें हैं। यदि भारतीय बल्लेबाज चाय के ब्रेक तक खेलने में कामयाब होते है, तो धोनी आक्रामक गेंदबाजी करने की सोचेगा।
कुल मिलाकर आज के खेल में द्रविड़ की पारी दर्शनीय रही। उसने भारतीय पारी को मजबूती प्रदान करी। (टीसीएम)










