अब भी डरा रहा है डोपिंग का भूत
पटियाला. भारोत्तोलन में डोपिंग का दंश झेल रहे भारत की अगले वर्ष राजधानी दिल्ली में तीन से 14 अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन प्रतियोगिता में भागीदारी संदिग्ध है।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक देश के कई भारोत्तोलकों के हाल ही में डोपिंग में पकड़े जाने से देश की छवि खराब हुई है और मेजबान टीम के राष्ट्रमंडल खेलों की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में भाग लेने पर प्रतिबंध लग सकता है।
भारतीय टीम पहले ही बेतुके बहाने बनाकर 18 से 29 नवंबर तक कोरिया के गोयांग में होने वाली विश्व भारोत्तोलन चैंपियनशिप से हट चुकी है। भारतीय भारोत्तोलन महासंघ आईडब्यूएफ के महासचिव बी आर गुलाटी का कहना है कि टीम प्रशासनिक कारणों से इस चैंपियनशिप से हटी है लेकिन यह बात किसी के गले से नीचे नहीं उतर रही है।
सचाई यह है कि हाल ही में विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी वाडा ने भारत के तीन खिलाड़ियों को डो¨पग का दोषी पाया है। मेलबोर्न में हुए पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में दो भारतीय खिलाड़ियों पंजाब के विकी बट्टा और कर्नाटक के सतीश राय को डो¨पग का दोषी पाया गया था।
डोपिंग के मामले में वाडा ने बहुत सख्त रख अख्तियार कर रखा है। यही वजह है कि भारतीय टीम के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर प्रतिबंध लग सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ भारतीय खिलाड़ियों के राष्टमंडल खेलों में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाता है कि यह मेजबान देश के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा। भारोत्तोलन में 45 पदक दांव पर लगे होंगे।










