विस्थापितों को राजस्थान में मिलेगी जमीन
धर्मशाला. पौंग बांध विस्थापितों के पुनस्र्थापन के लिए राजस्थान के जैसलमेर में दोनों प्रदेशों की उच्च स्तरीय कमेटी की बैठक में 2451 पौंग बांध विस्थापितों को इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में सरकारी भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया गया है।
डीसी कांगड़ा आरएस गुप्ता ने बताया कि केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के सचिव यूएन पंजीर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पिछले साल शिमला में पौंग बांध विस्थापितों के पुनस्र्थापन के लिए लोक निर्माण एवं राजस्व मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई। जल संसाधन मंत्रालय के सचिव ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास के लिए नहरी क्षेत्र में उपयुक्त भूमि उपलब्ध करवाएं, इससे विस्थापित परिवार बेहतर ढंग से जीवनयापन कर सकें।
समीक्षा के लिए बनाई स्टैंडिंग कमेटियां
राजस्थान सरकार के प्रधान सचिव (राजस्व) की अध्यक्षता में विस्थापितों के पुनर्वास के लिए स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया गया, जिसमें राजस्थान के गंगानगर, जैसलमेर और हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक को समिति सदस्य बनाया गया है।
इसके अतिरिक्त समिति के पांच सदस्य पौंग बांध विस्थापितों में से शामिल किए जाएंगे, जिन्हें प्रदेश सरकार की ओर से नामित किया जाएगा। यह समिति हर तीन माह के बाद बैठक कर निर्णयों की समीक्षा करेगी। हाई पावर कमेटी की ओर से राजस्थान सरकार को इंदिरा गांधी नहर परियोजना क्षेत्र में उपलब्ध सरकार भूमि को आवंटित करने को कहा गया है, जिसके चयन के लिए प्रदेश सरकार की ओर से कृषि विभाग और उपायुक्त (आर एंड आर) और पौंग बांध विस्थापित समिति सदस्यों को भेजा जाएगा।










