दो दशक बाद जगी व्हाइट क्रिसमस की आस
धर्मशाला. प्रदेश में दो दशक के लंबे अंतराल के बाद समय से पहले हुई बर्फबारी ने जहां सूखे की मार से प्रभावित किसानों और बागबानों के चेहरों पर रौनक ला दी है, वहीं मंदी की मार से जूझ रहे पर्यटन उद्यमियों को भी अच्छे कारोबार की आस जगी है। पर्यटक उद्यमियों का मानना है कि दो दशक बाद व्हाइट क्रिसमस की आस जगी है। समय से पहले हुई बर्फबारी को पर्यटन उद्यमी पर्यटन उद्योग के लिए बोनस मान रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 1991 में क्रिसमस पर 49 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई थी, उसके बाद इस साल नवंबर में हुई बर्फबारी से क्रिसमस पर बर्फबारी के संकेत हैं। पिछले साल 9.37 लाख देशी और 3 लाख 67 हजार विदेशी पर्यटक हिमाचल भ्रमण पर आए थे, इन आंकड़ों में इस बार वृद्धि होने की संभावना है।
समय से पहले हुई बर्फबारी और बारिश जहां खेतीबाड़ी के लिए उपयुक्त है, वहीं लंबे अरसे से दिसंबर में बर्फबारी से महरूम रहने वाले प्रदेशवासियों को भी इस बार पहाड़ियों पर चांदी की चादर के दीदार होने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। 18 साल से क्रिसमस पर बर्फबारी न होने और इस साल नवंबर में हुई बर्फबारी के बाद मौसम विभाग ने भी क्रिसमस पर अच्छी बर्फ की संभावना जताई है।
इस साल समय से पहले हुई बर्फबारी के चलते प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों धर्मशाला, कुल्लू, मनाली, शिमला और चंबा में पिछले साल की अपेक्षा अधिक पर्यटकों के आने की संभावना के साथ पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को हिमाचल की ओर आकर्षित करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। प्रदेया में बर्फबारी की सूचना के बाद देश और विदेश के पर्यटकों ने होटलों में अग्रिम बुकिंग शुरू कर दिया है। क्रिसमस और नववर्ष पर हर वर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक देवभूमि हिमाचल का रुख करते हैं, लेकिन इस बार यह संख्या कहीं ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है।
उम्मीदों को लगे पर
समय पूर्व हुई बर्फबारी से इस बार क्रिसमस और नववर्ष सेलीब्रेशन पिछले वर्षो की अपेक्षा बेहतर होगा। बर्फबारी ने मंद पड़े पर्यटन उद्योग में नई जान डाल दी है।
योगेश बहल, महाप्रबंधक, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम
वर्ष 1991 में क्रिसमस पर 49 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई थी। इस वर्ष नवंबर माह में हुई बर्फबारी से क्रिसमस सेलिब्रेशन बर्फ के साथ आयोजित होने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
मनमोहन सिंह, निदेशक, मौसम विभाग हिमाचल प्रदेश
धौलाधार पहाड़ियों पर समय से पहले हुई बर्फबारी ने मंदी के दौर से गुजर रहे पर्यटन उद्यमियों के चेहरों पर खुशी की झलक ला दी है। बर्फबारी से इस वर्ष पहले की अपेक्षा अधिक पर्यटकों के कांगड़ा घाटी की ओर रुख करने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
प्रेम सागर, अध्यक्ष, हिमालयन नेचुरल सोसायटी मैक्लोडगंज










