लाहौल घाटी में फंसे सैकड़ों लोग
कुल्लू. भारी बर्फबारी के कारण लाहौल स्पीति में अभी भी सैकड़ों लोग बर्फ में फंसे हुए हैं। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि लोगों को खाना और दवाइयां मुहैया करवा रहा है, लेकिन घाटी में स्थिति काफी बदतर बनी हुई है।
एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के 60 प्रवासी मजदूरों को खाने के लाले पड़ सकते हैं। यह सभी लोग जिंगजिंगबार में फंसे हुए हैं। यहां कंपनी के 9 ट्रक और टिप्पर भी फंसे हैं। ये लोग दारचा से होते हुए जिस्पा पहुंचे, लेकिन आगे बर्फ ज्यादा होने के कारण यहीं फंस गए। इसके अलावा तिंदी में 4 भारी वाहन और 20 मजदूर, उदयपुर में 44 भारी वाहन, 10 छोटे वाहन, 100 के करीब ड्राइवर और कडंक्टर गाड़ियों में ही कैद हैं। छतड़ू में फॉरेस्ट कंजरवेटर समेत 4 अधिकारी भी शामिल हैं।
पालमपुर यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक भी फंसे हुए हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक बर्फ में फंसने वालों की संख्या 500 के करीब हो सकती है, लेकिन सूत्रों के मुतातिक यह संख्या 800 से ज्यादा है। इसमें सौ से अधिक वाहन भी शामिल हैं। हेलीकॉप्टर सेवा शुरू न होने से इनकी स्थिति और भी बदतर हो रही है। मंगलवार को भी जिले के विभिन्न स्थानों पर बर्फबारी जारी रही। इससे इन लोगों की दिक्कतें और भी बढ़ गई है। हवाई उड़ानों के लिए विभिन्न गैर सरकारी संगठनों ने भी सरकार को स्थिति से अवगत करवा दिया है।
पाबंदी के बावजूद 16 लोगों ने पैदल पार किया रोहतांग
प्रशासन की पाबंदी के बावजूद रोहतांग दर्रा को पार करने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को हल्की बारिश और बर्फबारी के बीच 16 लोग रोहतांग दर्रा पार कोकसर पहुंचे। मढ़ी तक ये लोग वाहनों का सहारा लेकर पहुंचे और उसके बाद रोहतांग को पैदल पार किया, लेकिन लाहौल स्पीति की ओर से मंगलवार को कोई भी यात्री रोहतांग दर्रा पार नहीं कर सका।
कोकसर पुलिस चौकी में तैनात एएसआई ठाकुर दास ने बताया कि मंगलवार 4 बजे कोकसर में बर्फबारी शुरू हो गई थी। सैकड़ों लोग अभी भी कोकसर में फंसे हुए हैं। रोहतांग मार्ग को साफ करने के लिए बीआरओ के जवाप जुटे हुए हैं। लाहौल-स्पीति के लिए मशीनरी कोकसर ही पहुंच पाई है।
बुधवार को शुरू होगी हवाई सेवा
डीएसपी भजन नेगी का कहना है कि सभी लोग फिलहाल सुरक्षित हैं। जीएडी विभाग के डॉ. अजय भंडारी का कहना है कि अगर स्थिति को देखते हुए बुधवार से हवाई सेवा शुरू की जाएगी। जिला कांग्रेस कमेटी ने सरकार से इन लोगों के लिए पुख्ता इंताजाम करने की गुहार लगाई है।
वहीं, प्रदेश सरकार का कहना है कि लाहौल-स्पीति घाटी में फंसे लोगों को निकालने और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रेफ के साथ सड़कों को साफ करने का मामला उठाया गया है और स्थिति के और अधिक खराब होने पर उड़ान भरने की व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन को परामर्श दिया गया है कि यहां फंसे लोगों को हर संभव सहायता दी जाए।
बर्फ हटाने का काम शुरू
सीमा सड़क संगठन बल के जवान मनाली की ओर से बर्फ हटाते हुए मढ़ी तक पहुंच गए हैं। गुलाबा से मढ़ी तक का फासला इन्होंने एक दिन में तय किया। सोमवार को मौसम खुलते ही बीआरओ के जवानों ने अपनी मुहिम और तेज कर दी थी। जवान मंगलवार को मढ़ी से चार किलोमीटर आगे तक के रास्ते से बर्फ हटाकर रोहतांग की ओर बढ़ गए। हालांकि बीआरओ ने 1 नवंबर को ही रोहतांग मार्ग बंद करने के आदेश किए थे।










