डीसी ऑफिस के तीन क्लर्क गिरफ्तार
शिमला. डीसी ऑफिस शिमला की लाइसेंस ब्रांच में 24 लाख रुपए के घोटोले के आरोप में कार्यरत तीन क्लर्को को मंगलवार को विजिलेंस (साउथ रेंज) की स्पेशल टीम ने गिरफ्तार कर लिया। करीब एक साल तक मामले की छानबीन के बाद विजिलेंस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उम्मीद है कि इस घोटाले में कुछ और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। जानकारी के अनुसार शिमला का रहने वाले पवन और सिद्धार्थ एसडीएम कार्यलय में कार्यरत हैं जबकि मशोबरा का रहने वाला क्लर्क पवन एडीएम कार्यालय में कार्यरत है।
इन तीनों आरोपियों को विजिलेंस (साउथ रेंज) ने गिरफ्तार कर लिया। कुछ साल पहले आरोप लगे थे कि इन आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से तीन साल तक लाइसेंस की फीस जमा करवाने में लाखों रुपए का गोलमाल किया है। वर्ष 2008 में विजिलेंस ने उक्त तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। उसके बाद से ही तीनों के खिलाफ लगे आरोपों की छानबीन में विजिलेंस की स्पेलश टीम लगी हुई थी।
रिकॉर्ड की छानबीन के बाद उसमें करीब 24 लाख रुपए का गोलमाल सामने आया है। विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय की लाइसेंस ब्रांच में दस्तक देकर तीनों क्लर्को को गिरफ्तार कर लिया। उल्लेखनीय है कि कुछ साल पहले लाइसेंस ब्रांच में लाइसेंस की फीस में गोलमाल की खबरें सामने आई थीं। इस मामले को लेकर दो बार ऑडिट भी किया था। विजिलेंस ने पुष्टि की है कि लाइसेंस ब्रांच के तीन क्लर्को को तीन साल में 24 रुपए के गोलमाल के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
जल्द सामने आ सकते हैं कुछ बड़े नाम
तीन साल में लाइसेंस फीस के 24 लाख रुपए हड़पने के मामले में तीन क्लर्को की गिरफ्तारी के बाद डीसी ऑफिस में हडकंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार 24 लाख रुपए के घोटाले में तीन क्लर्को की गिरफ्तारी के बाद कुछ और नाम भी सामने आ सकते हैं। तीन आरोपियों के साथ कुछ और लोगों की मिलीभगत हो सकती है। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद डीसी ऑफिस में हड़कंप की स्थित थी।










