नरेगा के मजदूरों का होगा जीवन बीमा
शिमला. राजस्थान और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर हिमाचल में भी नरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों का जीवन बीमा करवाने की कवायद शुरू हो चुकी है। सरकार की कवायद सिरे चढ़ती है तो प्रदेश के 3 लाख 22 हजार परिवारों को बीमा योजना का लाभ होगा।
ऐसे में किसी हादसे का शिकार होने पर नरेगा मजदूर के परिजनों को आर्थिक संबल मिल सकेगा। दिल्ली में नरेगा पर हुई नेशनल कॉन्फ्रेंस में इस बारे में आए सुझाव के बाद प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास विभाग इस सिलसिले में तैयारियों में जुट गया है। कॉन्फ्रेंस में तय तय हुआ है कि नरेगा मजदूरों के बीमा का प्रीमियम सरकार को अदा करना होगा।
सूत्रों की मानें तो नरेगा के मजदूरों को एलआईसी की जनश्री योजना के तहत लाभार्थी बनाने पर काम चल रहा है। नरेगा के मजदूरों को ग्रामीण गरीब अधिसूचित किया गया है ऐसे में नरेगा मजदूरों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत भी लाभर्थी बनाने पर विचार चल रहा है। इस योजना के तहत मजदूरों को चिकित्सा लाभ उपलब्ध हो सकेगा।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि केंद्र के सुझाव प्रदेश सरकार भी नरेगा मजदूरों के बीमा को लेकर गंभीर है। प्रदेश में नरेगा मजदूरों का बीमा करने की जिम्मेवारी किसे सौंपी जाएगी, इस पर विचार चल रहा है। अगर प्रदेश सरकार राजस्थान मॉडल को अपनाती है तो प्रदेश के आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को नरेगा मजदूरों का बीमा करने की नई जिम्मेवारी मिल सकती है। बहरहाल अभी इस बारे में सहमति होना बाकि है।










