‘अनावश्यक गवर्निग बॉडीज खत्म करें’
शिमला. केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने सभी विश्वविद्यालयों को विभिन्न गवर्निग बॉडीज खत्म करने की सलाह दी।
मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे कें द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों में गठित की गई ईसी, अकेडमिक काउंसिल और अन्य कमेटियां कई बार विकास की प्रकिया में बाधा बनती हैं। इससे जरूरी निर्णय लेने में देरी होती है। विश्वविद्यालयों को ऐसी संस्थाओं की पहचान कर इन्हें खत्म करने पर विचार करना चाहिए। वित्त मंत्री ने बड़े विश्वविद्यालयों की जगह छोटे विवि खोले जाने की वकालत की।
उनका मानना है कि छोटे विश्वविद्यालयों में शिक्षा के ढांचे में आवश्यकता अनुसार काफी आसानी से बदलाव लाया जा सकता है। भारत की कुल जनसंख्या में 65 फीसदी से अधिक लोगों की आयु 30 साल से कम है। युवा शक्ति का प्रयोग अगर सही दिशा में किया जाए तो भारत पूरे विश्व में एक आर्थिक ताकत बन सकता है।
वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र के लिए 11वें पंचवर्षीय प्लान में बजट को 7.7 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने इस बात पर भी खुशी जाहिर की कि केंद्र सरकार की ओर से गठित नेशनल नॉलेज कमीशन की सिफारिशों को अधिकतर राज्यों के विश्वविद्यालयों ने अपनाने की प्रकिया शुरू कर दी है।
उन्होंने पुरस्कार जीतने के मामले में आगे रहने पर लड़कियों की सराहना करते हुए कहा कि देश के अन्य राज्यों को इसका अनुसरण करना चाहिए। समारोह में 415 डिग्रियां, पदक और पुरस्कार दिए गए। इनमें एक डि लिट, 187 पीएचडी और 227 पदक एवं पुरस्कार शामिल थे। समारोह में राज्यपाल प्रभा राव, कुलपति डॉ. सुनील गुप्ता, शिक्षा मंत्री आईडी धीमान, वानिकी और कृषि विश्वविद्यलय के कुलपति सहित कई लोग शामिल हुए।










