सैरोगेट मदर विवाद: बेटे के लिए तड़प रही मां
अम्बाला. सिटी माडल टाउन में रहने वाले पेट्रोल पंप मालिक परमिंद्र सिंह ओबराय पर अमृतसर के सहदेव दंपत्ति ने उनके एक वर्षीय बेटे को अपहरण करने का आरोप लगाया है। हाई प्रोफाइल यह मामला किराए पर टेस्ट ट्यूब बेबी पाने की चाह से शुरू हुआ, मगर बच्चे के जन्म के बाद दंपत्ति ने इस बच्चे को अपना बताया।
बच्चे के पीछे खिंची यह जंग पुलिस के अलावा हाईकोर्ट तक भी पहुंच चुकी गई है। अम्बाला निवासी ओबराय बच्चे सहित पुलिस गिरफ्त से फरार चल रहा है। बच्चे अभी की मां अमृतसर में सुंदर नगर निवासी भारती सहदेव और खुद को उसका पति बताने वाले करण सहदेव ने बताया कि अक्टूबर 2007 में उन्होंने परमिंद्र सिंह द्वारा अखबार में सैरोगेट मदर (किराए पर कोख) का विज्ञापन पड़ा जिसके बाद उन्होंने निसंतान परमिंद्र से संपर्क किया।
भारती ने कहा कि उस समय वह पहले से ही 10-15 दिनों से परेगनेंट थी। तय हुआ कि अपने बच्चे की डिलीवरी के बाद भारती परमिंद्र सिंह के बच्चे के लिए ट्राई करेगी। 25 अक्टूबर 2008 को उनकी अपनी संतान मनीमाजरा के अस्पताल में हुई। इसके बाद उन्होंने परमिंद्र के लिए टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए मेडिकल प्रक्रिया शुरू की।
भारती ने बताया कि डाक्टरों ने परमिंद्र को अनफिट बताकर इंकार कर दिया। भारती का आरोप था कि कुछ महीने शांत रहने के बाद परमिंद्र अचानक उनके अपने बच्चे को देने की जिद पर अड़ गया। भारती ने बताया कि बीते महीने 25 अक्टूबर को वह अभी का जन्मदिन मनाने बाहर निकले तो अमृतसर में एक होटल के पास परमिंद्र उनके बेटे को जबरन छीनकर कार में फरार हो गया।
अमृतसर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया। भारती ने कहा परमिंद्र के अफसरों से अच्छे संबंध है, इसी का फायदा उठाकर पुलिस ने जांच नहीं की। परमिंद्र व उनके बेटे का अब तक सुराग नहीं लगा है।
हाईकोर्ट में पेश होंगे अम्बाला के डीसी व एसपी
पंजाब पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट होकर सहदेव दंपत्ति ने इस मामले की शिकायत हाईकोर्ट में भी थी। याचिका में अम्बाला सिटी निवासी परमिंद्र सिंह के अलावा, पंजाब सरकार, एसएसपी अमृतसर के अलावा अम्बाला के डीसी और एसपी को पार्टी बनाया गया है।
हाईकोर्ट ने मामले में नोटिस आफ मोशन जारी करते हुए सभी को 11 नवंबर को पेश होने के आदेश दिए थे। मगर अम्बाला से डीसी उस दिन पेश नहीं हुए थे जबकि पंजाब के अफसर कोर्ट पहुंचे थे। अब हाईकोर्ट ने 25 नवंबर को सभी को पेश होने के आदेश दिए गए हैं।
दो लाख में मां बनने का सौदा
अपहरण के मुख्य अभियुक्त परमिंद्र सिंह ओबराय के वकील संदीप गौरसी इस मामले को ब्लैकमेलिंग से जुड़ा बताते हैं। वह कहते हैं कि आरोप लगाने वाली भारती और करण सहदेव दोनों बंटी और बबली के जैसे हैं, जोकि शादीशुदा ही नहीं हैं।
वकील गौरसी ने बताया परमिंद्र ओबराय ने संतान पाने के लिए अखबार में सैरोगेट मदर (किराए पर कोख) का विज्ञापन दिया था। कई जोड़े उनके पास आए थे, जिनमें भारती व करण शामिल थे। इसके बाद भारती का मेडिकल टेस्ट कराया गया जिसमें वह फिट पाई गई। सौदा 2 लाख रुपए में तय हुआ।
जनवरी में चंडीगढ़ अस्पताल में टेस्ट ट्यूब बेबी विधि से भारती को परेगनेंट हुई। ओबराय हर महीने भारती को 3 हजार खर्चा देते रहे। अक्टूबर 2008 को भारती को बेटा हुआ। सौदे के मुताबिक बच्च परमिंद्र का था, मगर डाक्टरों की सलाह पर परमिंद्र ने बच्चे को कुछ महीनों के लिए मां के साथ रहने दिया।
कुछ समय भारती परमिंद्र के साथ अम्बाला में भी बच्चे की केयर टेकर बनकर रूकी, मगर यहां उसने जब परमिंद्र की दौलत देखी तो उसकी आंखे फट गई। वकील गौरसी ने बताया कि यहां से जाने के बाद भारती अपने आशिक करण के साथ मिलकर दो करोड़ रुपए के बदले बच्च देने पर अड़ गई। इसी साल 12 अक्टूबर तक परमिंद्र ने बच्चे को लेने की कागजी कार्रवाई पूरी की, मगर 25 अक्टूबर को भारती व करण ने अपहरण का ड्रामा रचकर परमिंद्र को फर्जी मामले में फंसा दिया।










