गोल्ड नहीं अब है ट्रेंडी ज्वेलरी का जमाना
चंडीगढ़. रबर बैंड, एमसील, पेपरमैशे, प्लास्टिक, धागा, कॉइन्स.. यह सभी ऐसी चीजें हैं जिनपर रोजमर्रा की जिंदगी में ध्यान नहीं जाता, लेकिन इन्हीं चीजों को इकट्ठा करके एक क्रिएटिव लुक दी है सेक्टर-35 के जेडीटीआई के स्टूडेंट्स ने। मंगलवार को इन स्टूडेंट्स ने अपनी बनाई ज्वेलरी की नई कलेक्शन शोकेस की। यह ज्वेलरी वेस्ट मेटीरियल से बनाई गई हैं। पैंडेंट सेट, कड़ा, ईयररिंग्स, रिंग्स, चोखर,ब्रेसलेट में स्टूडेंट्स की क्रिएटिविटी मुंह बोलती है।
बजट के साथ ट्रेंडी लुक: स्टूडेंट्स के मुताबिक इन्हें बनाने में इसका ध्यान रखा गया है कि यह ज्वेलरी लोगों के बजट में हो और सभी उसे मुड़-मुड़ कर देखें। तभी स्टूडेंट्स ने ज्वेलरी बनाने से पहले ध्यान अपने आस-पास की चीजों पर दिया। स्वेता ने रबर बैंड्स और बटन को मिलाकर एक नेकलेस बनाया है।
जिसपर पैसा कम और मेहनत ज्यादा लगी है। देखने में यह असल से कम नजर नहीं आता। सबसे खास बात है कि यह नेकलेस जब खराब हो जाएगा तो फिर से एक नया नेकलेस तैयार किया जा सकता है। निक्की ने ब्रास और सिल्वर के कॉम्बीनेशन में कलेक्शन तैयार की है, जिसमें ब्रास को कई तरह की शेप दी गई है। इन्होंने रिंग्स को फ्रॉग और क्रोकोडाइल का रूप दिया है।
इस ज्वेलरी की खास बात है इनका लाइट वेट होना भी है। देखने में जितनी वजनदार यह ज्वेलरी लगती हैं असल में उतनी ही लाइट वेट है। धागे और रिंग को मिलाकर बना नेकलेस है। स्टूडेंट यशु मेहता ने ओल्ड कॉइन्स को मिलाकर नेकलेस, रिंग और माला तैयार की है। इसमें कॉइन्स को एक-दूसरे से मिलाकर उसमें ग्लिटर भरा और उन्हें मोल्ड किया गया है।
नया चाहते हैं लोग
लेक्चरर स्मिता सिंह ने बताया कि नई जेनरेशन पहले की तरह सिर्फ गोल्ड, सिल्वर और डायमंड तक सीमित न रहकर अन्य प्रकार के मेटेरियल पर भी ध्यान दे रही है। शायद यही वजह है कि कॉइन्स, ब्रास, मेटल वायर और पेपरमैशे के साथ स्टूडेंट एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं और लोगों को कुछ नया पहनने को दे रहे हैं। लोग भी नया और कुछ ट्रेंडी पहनने को तैयार रहते हैं, इसलिए आगे चलकर ऐसी ज्वेलरी का ही जमाना आने वाला है।










