Wednesday, Nov 18th, 2009, 4:06 am [IST]  

danik bhaskarसड़क हादसे में पंचकूला के व्यापारी की मौत

भास्कर न्यूज

चंडीगढ़. पंचकूला के सेक्टर—16 में रहने वाले व्यापारी रूपक दत्ता (40) की सास-ससुर की शादी की 50वीं सालगिरह में शामिल होने की तमन्ना अधूरी रह गई। वह पत्नी और बच्चों को चंडीगढ़ के सेक्टर-15 में स्थित अपनी ससुराल छोड़कर पंचकूला जा रहे थे। सोमवार रात 11.30 बजे कलाग्राम के सामने सरिया से भरे ट्रक से उनकी मारुति कार टकरा गई। पुलिस ने रूपक दत्ता को गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती कराया गया। उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।



साथ करेंगे भोजन और..



रूपक ने ससुराल से अपने पिता को फोन कर कहा था कि वह जल्द ही घर आ रहा है। उनके साथ खाना खाएगा। पिता रूपक का इंतजार करते रहे। काफी देर होने के बाद उन्होंने उसके मोबाइल पर फोन किया। फोन एक पुलिस कर्मचारी ने उठाया। उन्हें बताया गया कि रूपक हादसे में घायल हो गए हैं। रूपक के पिता ने बड़े बेटे दीपक दत्ता को पीजीआई भेजा। वहां पता चला कि रूपक की मौत हो चुकी है। रूपक यूबी ग्रुप के साथ जुड़े हुए थे।



मातम में बदला समारोह



रूपक दत्ता के सास-ससुर की मंगलवार को शादी की गोल्डन जुबली मनाने के लिए रिश्तेदार घर पहुंच चुके थे। हादसे की सूचना मिलते ही ससुराल में मातम छा गया।



भाई ने दिया कंधा



रूपक के बड़े भाई दीपक दत्ता कहते हैं कि उन्होंने पिता का इलाज कराने के लिए 15 दिन की छुट्टी ली थी। क्या पता था भाई की अर्थी को कंधा देना पड़ेगा। रूपक ससुर के विवाह की सालगिरह के समारोह की तैयारियों में व्यस्त था। वह माता-पिता को अकेले नहीं छोड़ता था। इसीलिए ससुराल से खाना नहीं खाकर
चला था। रूपक अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे छोड़ गए हैं।



सड़क पर तड़पते रहे



हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और 100 नंबर को फोन करने वाले मनीमाजरा के दीपक का कहना है कि फोन पंचकूला पुलिस के पास चला गया। कई बार कोशिश की। आखिर में पंचकूला पुलिस से आग्रह किया कि वह चंडीगढ़ पुलिस को संदेश दे। चंडीगढ़ पुलिस की पीसीआर संदेश मिलने के 15 मिनट बाद मौके पर पहुंची। तब तक रूपक तड़पता रहा। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि खुशी के मौके पर इतनी बुरी खबर सुनने को मिलेगी पर होनी को कौन टाल सका है।

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