स्कूल में बना छात्रा का एमएमएस
चंडीगढ़. स्कूल के जिस क्लासरूम में शिक्षा का पाठ पढ़ाया जाता है, उसी क्लासरूम में दसवीं कक्षा की एक छात्रा का अश्लील एमएमएस बनाया गया है। इसके बाद आरोपी छात्रों ने छात्रा को ब्लैकमेल कर उसका शोषण भी किया है।
यह एमएमएस रामदरबार के सरकारी स्कूल में बनाया गया है। एमएमएम छात्रा के क्लासमेट गौरव और उसके साथी ने अपनी कक्षा के रूम में बनाया है। स्कूल प्रशासन ने को स्कूल से निकालकर इस मसले को दबाना चाहा है। जबकि पुलिस इस प्रकरण की तह तक पहुंच चुकी है। मंगलवार को पुलिस ने गौरव और उसके साथी पर अश्लील एमएमएस बनाने पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस को इस संबंध में कानूनी राय एक हफ्ते पहले ही मिल चुकी थी।
साइबर क्राइम सेल की जांच में खुलासा
दरअसल अश्लील एमएमएस की सीडी और उसका ब्यौरा कुछ महीने पहले एक व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस को मुहैया कराया है। इस व्यक्ति ने अपनी पहचान छिपाते हुए लिखा है कि एमएमएस को चंडीगढ़ के ही सरकारी स्कूल में तैयार किया गया है। पुलिस के आला अधिकारियों ने इसकी जांच का जिम्मा साइबर क्राइम सेल को सौंपा था।
सेल के इंस्पेक्टर हरदित्त सिंह ने जांच की तो सामने आया कि एमएमएस एक मोबाइल फोन से बनाया गया है। मोबाइल फोन के आईईएमआई नंबर की मदद से पुलिस ने छात्र की पहचान की। आरोपी निकला रामदरबार के सरकारी स्कूल का दसवीं कक्षा का छात्र गौरव। जबकि इस एमएमएस में एक और छात्र युवती से अश्लील हरकत करता कैद है।
पुलिस दूसरे आरोपी छात्र और लड़की का खुलासा अभी नहीं कर सकती। ऐसे प्रकरण को दर्ज करने का अधिकार सिर्फ गजटेड अफसर या उससे बड़े रैंक के अधिकारी को होता है। इसलिए साइबर सेल ने अपनी जांच रिपोर्ट और सारे साक्ष्य डीएसपी (साउथ) जसवंत खेड़ा को सौंप दिए। साइबर सेल ने रिपोर्ट में आरोपी के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्जकर उसे गिरफ्तार करने की सिफारिश की थी।
जांच रिपोर्ट की स्टडी नहीं की डीएसपी ने
डीएसपी जसवंत खेड़ा का कहना है कि उन्होंने अभी तक साइबर सेल की जांच रिपोर्ट की स्टडी नहीं की है। उन्होंने कहा कि मुझे इस मसले की अभी पूरी जानकारी ही नहीं है। जबकि एसपी सिटी मधुर वर्मा के मुताबिक जांच खत्म हो चुकी है और मंगलवार देर रात पुलिस ने आरोपी गौरव और उसके साथी पर केस दर्ज कर लिया है। गौरव के जरिए पुलिस उसके दूसरे साथी को भी दबोचेगी। इसके बाद इस पहलू पर भी जांच होगी कि छात्रा का एमएमएस उसकी जानकारी से बनाया गया या नहीं।










