प्रधानमंत्री को भेजी रिपोर्ट
चंडीगढ़. आखिरी ओवर में अब पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक पूरी तरह आक्रामक हो गए हैं। विभिन्न मेगा प्रोजेक्ट्स पर होम मिनिस्टरी की ऑडिट रिपोर्ट को इकतरफा और प्रायोजित करार देते हुए रोड्रिग्स ने प्रशासन के जवाब की कॉपी सीधे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भेजी है।
रोड्रिग्स के नजदीकियों का कहना है कि होम मिनिस्ट्री एक के बाद एक विभिन्न मामलों में चंडीगढ़ प्रशासन के स्टैंड को नजरअंदाज करती चली आ रही है, इसलिए रोड्रिग्स ने होम मिनिस्टरी की बजाए यह मामला सीधे प्रधानमंत्री के साथ उठाया है।
जानकारों का कहना है कि रोड्रिग्स इस बात से आहत हैं कि एक तो होम मिनिस्टरी ने चंडीगढ़ प्रशासन का स्टैंड जाने बगैर सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (सीवीसी) को मेगा प्रोजेक्ट्स की जांच सौंपी, जहां से इसे सीबीआई को भेजा गया। दूसरा ऑडिट रिपोर्ट तैयार करते हुए न तो प्रशासन के पक्ष को तरजीह दी गई और न ही कई महत्वपूर्ण तथ्यों को ध्यान में रखा गया।
केन्द्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल की ओर से प्रधानमंत्री को लिखी गई एक चिट्ठी के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई जबकि इसी चिट्ठी पर प्रशासन ने तबके होम मिनिस्टर को विस्तृत जवाब भेजा था। होम मिनिस्टर ने मार्च 2007 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखी एक चिट्ठी में आईटी पार्क का समर्थन किया था जबकि अब होम मिनिस्टरी की ही ऑडिट टीम ने आईटी पार्क को ही निशाना बनाया है। रोड्रिग्स को इस बात का भी मलाल है कि आईटी पार्क के बारे में तमाम बड़े फैसले उनके कार्यकाल में नहीं हुए, जबकि इसे लेकर उन्हें निशाना बनाया गया।
दूसरा ऐतराज इस बात पर है कि जब देश के बाकी शहरों में आईटी कंपनियों को कई तरह की छूट दी गई तो अकेले चंडीगढ़ प्रशासन को सूली पर क्यों चढ़ाया जा रहा है?
रद्द करें रोड्रिग्स के फैसले-गोस्वामी
सिटीजंस वॉयस ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर प्रशासक जनरल रोड्रिग्स की ओर से 7 नवंबर के बाद लिए गए फैसले रद्द करने की मांग की है। संगठन के सदस्य हेमंत गोस्वामी की ओर से फैक्स किए गए ज्ञापन में कहा गया है कि रोड्रिग्स का कार्यकाल 7 नवंबर को खत्म हो चुका है। उनके मुताबिक आर्टिकल 239 के तहत कार्यकाल खत्म होने के कारण अब प्रशासक रोड्रिग्स को अब अपने पद पर बने नहीं रह सकते हैं।










