यहां तो स्वस्थ भी हो जाए बीमार
करनाल. सिविल अस्पताल का टीबी सेंटर आजकल खुद बीमार है। यहां का वातावरण इतना दूषित है कि स्वस्थ आदमी भी बीमार हो जाए। मेल वार्ड में जहां सफाई हुए एक सप्ताह बीत गया है, वहीं शौचालय जैसे वर्र्षो से गंदगी से अटा पड़ा है। जगह-जगह कूड़ा-कचरा बिखरा है।
सिविल अस्पताल में ट्रामा सेंटर की बैक साइड में बने टीबी सेंटर में अव्यवस्थाओं का आलम है। टीबी सेंटर के आंगन और प्रांगण को ही ले लीजिए। सफाई बस यहां नाम की है। वार्ड के साथ लगते कमरों के बरामदे स्टोर रूम बने हुए हैं। कहीं टायर पड़े हैं तो कहीं मिट्टी-कबाड़ बिखरा है।
वार्ड के फर्श की दशा स्वयं सफाई व्यवस्था की पोल खोल रही है। मरीज खुद बोलते हैं कि वार्ड में पौछा लगे छह दिन हो गए। बस सफाई के नाम पर एकाध बार झाड़ू लगाकर कर्मचारी चलते बनते हैं। वार्ड के साथ लगते शौचालय नरक से बदतर हालत में हैं।
गंदगी से अटे शौचालय सरकार द्वारा प्रदत सुविधाओं पर पानी फेर रहे हैं। यहां पर उठती दुर्गंध टीबी सेंटर के वातावरण को प्रदूषित कर रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों का इस ओर बिलकुल भी ध्यान नहीं है।
रिपोर्ट के लिए इंतजार तीन-चार घंटे
थूक-बलगम चेक कराने के लिए आने वाले मरीजों को रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए तीन-चार घंटे इंतजार करना पड़ता है। उनका यह इंतजार तब और लंबा हो जाता है, जबडाक्टर भी मौके पर उपलब्ध नहीं होते। मरीजों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
बेड पर गंदी चादरें
मरीजों के नीचे बिछाई गई चादरें भी रुटीन में नहीं बदली जाती। बेड पर खून में धंसी चादरें बिछी रहती है। इस बीमारी में साफ-सफाई की जरूरत डाक्टरों की देख-रेख में भी पूरी नहीं हो पाती है।
एक स्वीपर छुट्टी पर है, एक काम कर रहा है। शौचालय बहुत पुराने हैं, जिनके ब्लॉक होने की समस्या है, लेकिन फिर भी सफाई का ध्यान रखा जाता है। - डा. अमर बजाज, जिला क्षय रोग अधिकारी, करनाल










