गैस एजेंसियों की आपातकालीन सेवा कल से
उदयपुर. आपातकाल में एलपीजी लीकेज के मामले में इंडेन, एचपीसीएल और बीपीसीएल गैस कंपनियों की उपेक्षा के रहते स्थानीय गैस एजेंसियों ने मिलकर आपातकालीन सेवा देने का निर्णय लिया। रविवार को भास्कर में क्या प्रशासन को हादसे का इंतजार है? शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद जिला प्रशासन ने शहर की गैस एजेंसियों के संचालकों के साथ बैठक रखकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
जिला कलेक्टर आनंद कुमार के निर्देश पर डीएसओ हिम्मतसिंह भाटी ने शहर की 23 गैस एजेंसियों के पदाधिकारियों से कहा कि वे तय करें कि कंपनी के द्वारा आपातकालीन सेवा बंद करने की दिशा में कौन जिम्मेदार होगा? इस पर गैस एजेंसियों के संचालकों ने कहा कि यह कंपनी का दायित्व बनता है, लेकिन उपभोक्ता की जानमाल की दिशा में एजेंसियां स्वयं के खर्चे से यह जिम्मेदारी लेने का तैयार हैं।
अंबामाता गैस एजेंसी ने ली जिम्मेदारी
बैठक में अंबामाता गैस एजेंसी ने सभी गैस एजेंसियों के सहयोग से इस दिशा में जिम्मा उठाने का निर्णय लिया। इस व्यवस्था के तहत शहर की सभी गैस एजेंसियां अंबामाता गैस एजेंसी को प्रतिमाह निर्धारित राशि देगी। कार्यालय समय के बाद अंबामाता गैस एजेंसी के कर्मचारी कॉल आते ही गैस लीकेज का निदान करेंगे।
गुरुवार से सेवा की शुरुआत
अंबामाता गैस के पदाधिकारी सुनील जोशी ने बताया कि आपातकाल के दौरान सेवा देने की योजना को गुरुवार से मूर्त रूप दे दिया जाएगा। इस दिशा में एजेंसी आपातकाल के लिए नए नंबर जारी करेगी। क्षेत्र के अनुसार एजेंसी के कर्मचारियों को जिम्मा सौंपा जाएगा।
ऑटोमेटिक बुकिंग सेवा शुरुआत
डीएसओ ने एजेंसियों से कहा कि वे ऑटोमेटिक सेवा में सहयोग करें। उपभोक्ता के फोन करने पर वे उन्हें बताएं कि उनकी बुकिंग हो चुकी है। बताया गया कि कुछ गैस एजेंसियों ने इस सिस्टम को लागू कर दिया है, शेष भी जल्दी कर देंगे।
डोमेस्टिक गैस का दुरुपयोग रोकें
गैस एजेंसियों को पाबंद किया है कि वे व्यावसायिक क्षेत्रों में होने वाले घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग पर रोक लगाएं।
उपभोक्ता यह करें
गैस एजेंसियों के संचालकों ने कहा कि अचानक गैस रिसाव की घटना रोकने के लिए प्राथमिक स्तर पर गैस सिलेंडर के मुंह को कैप से बंद कर दें। गैस सिलेंडर को खुले क्षेत्र में रख दें।
अब फायर एप्रिन
संचालकों ने बताया कि अब उपभोक्ताओं को कनेक्शन के साथ फायर एप्रिन भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उसे पहनकर सिलेंडर को खुले क्षेत्र में ले जाते समय हादसे से बचा जा सके। इसके लिए उपभोक्ता को 270 रुपए अलग से देने होंगे। इसकी शुरुआत सुरक्षा के लिए की गई है। संचालकों ने कहा कि उपभोक्ता गैस एजेंसियों से ग्रीन मार्का वाले आईएसआई वाले चूल्हे का उपयोग करें।










