Wednesday, Nov 18th, 2009, 5:27 am [IST]  

danik bhaskarरेल सर्वे के लिए एक हजार रुपए!

संजय गौतम

railउदयपुर. रेल सुविधा से वंचित वागड़ क्षेत्र को नई लाइन से जोड़ने का चार दशक से सपना देख रहे लाखों आदिवासियों की भावना के साथ रेलमंत्री ममता बैनर्जी ने मजाक किया है। पांच माह पूर्व घोषित रेल बजट में रतलाम—बांसवाड़ा—डूंगरपुर शहरों के बीच नया ट्रैक बिछाने संबंधी सर्वे के लिए मंत्रालय ने महज 1 हजार रुपए का बजट स्वीकृत किया है।



इतनी मामूली राशि से सर्वे शुरू करने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। देशभर में 14 अन्य नई रेल लाइनें बिछाने के सर्वे के लिए शामिल प्रस्तावों का भी कमोबेश यही हश्र है। इन सभी प्रस्तावों के लिए भी रेल मंत्रालय ने मौजूदा बजट में केवल 1 हजार रुपए का प्रावधान रखा है।



गौरतलब है कि 2009—10 वर्ष के प्रस्तुत रेल बजट में डूंगरपुर—बांसवाड़ा—रतलाम के बीच नई ब्राडगेज रेल लाइन के सर्वे कार्य की स्वीकृति दी गई थी। लगभग 180 किलोमीटर दूरी को तय करने वाले इस ट्रैक को बिछाने संबंधी सर्वे कार्य के लिए ही रेलवे ने 52.80 लाख रुपए की अनुमानित लागत निकाली थी। लेकिन, मौजूदा बजट में रेल मंत्री ने सर्वे के लिए केवल एक हजार रुपए की टोकन स्वीकृति दी है। शेष राशि 52.79 लाख रुपए अगले बजट में मंजूरी के लिए छोड़ी गई है।



राजस्थान ट्राइबल एरिया विकास समिति, बांसवाड़ा एवं वागड़ रेल अभियान के संयोजक गोपीराम अग्रवाल ने सूचना के अधिकार के तहत रेल मंत्रालय से सर्वे कार्य की प्रगति संबंधी सूचना तलब की थी जिस पर रेलवे बोर्ड के चीफ पब्लिक इंफोर्मेशन आफिसर सुनीलकुमार ने 4 नवंबर को उक्त जानकारी भेजी।



भावनाएं आहत, विकास प्रभावित



वागड़ क्षेत्र में रेल लाइन के लिए वर्षो से संघर्ष कर रहे लोगों को रेल मंत्रालय के इस खुलासे ने आहत किया। अग्रवाल ने बताया कि प्रस्तावित रेल लाइन के छोटी सरवन स्टेशन के समीप 1320 मेगावाट का कोयल बिजलीघर 2013 तक बनना प्रस्तावित है। इसी तरह वजवाना स्टेशन के समीप रोजाना 3 हजार टन क्षमता वाला सीमेंट प्लांट भी निर्माणाधीन है।



इसी प्लांट में एक कोयला बिजलीघर भी प्रस्तावित है। इसी तरह बांसवाड़ा में दो कोयला बिजलीघर 150 मेगावाट क्षमता के निजी क्षेत्र में उत्पादनरत है। इनका कोयला सड़क मार्ग से परिवहन हो रहा है। रेल लाइन बिछने पर जनता के साथ उद्योगों को परिवहन सुविधा मिलेगी और रेलवे को भी भारी लाभ होगा।

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: