स्कूली छात्र को स्वाइन फ्लू
उदयपुर. जयपुर के बाद उदयपुर में भी स्कूली छात्र को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। हालांकि हालात जयपुर और अजमेर जैसे गंभीर नहीं है। यह छात्र सेंट्रल एकेडमी स्कूल (सरदारपुरा शाखा) में 12 वीं कक्षा का बताया गया है।
इस रोगी को सर्दी जुकाम और हल्का बुखार होने की शिकायत थी। परिजनों ने इसे प्राइवेट अस्पताल में भी उपचार दिलाया। कोई सुधार नहीं होने तथा स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर परिजनों ने स्थानीय डॉ. लाल पैथोलॉजी लेब में जांच के लिए सैंपल जमा कराया। दिल्ली स्थित डॉ. लाल पैथोलॉजी लेब से मंगलवार को पहुंची रिपोर्ट में केस पॉजिटिव पाया गया।
परिजनों ने दिखाई समझदारी
स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव पाए गए स्कूली छात्र के पिता ने अपने बच्चे के शारीरिक लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू की जांच करवाई। छात्र के पिता ने बताया कि पहले तो जांच करवाने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन आशंका के चलते जांच करवाना उचित समझा। मंगलवार शाम तक छात्र की हालत में सुधार हो चला था।
चार और पॉजिटिव रोगी चिह्न्ति
मंगलवार को पहुंची जांच रिपोर्ट में चार रोगियों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। जानकारी के अनुसार एमबी अस्पताल में भर्ती उदयपुर के शक्तिनगर से 29 वर्षीय, चित्तौड़ के तेजाजी चौक प्रतापनगर के 45 वर्षीय, सेंट्रल एकेडमी के छात्र और निंबाहेड़ा की 13 साल की बच्ची को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया है। इस समेत उदयपुर में रोगियों की संख्या नौ हो चुकी है।
लापता बालिका निम्बाहेड़ा की
4 नवंबर को निम्बाहेड़ा से पहुंची 13 वर्षीय बालिका के नमूने जांच के लिए पैथलेब पर दिए गए थे। मंगलवार को पहुंची जांच रिपोर्ट में केस पॉजिटिव पाया गया। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि लैब पर रोगी का पता सिर्फ निंबाहेड़ा लिखा होने से उसके बारे में हर कोई बेखबर है। नमूने देने के बाद परिजनों ने भी रिपोर्ट के लिए लैब पर संपर्क नहीं किया। निम्बाहेड़ा के इस पॉजिटिव रोगी की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं है। इसकी जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी रोगी की तलाश के लिए हड़कंप मचा हुआ है।
अस्पताल में मचा हड़कंप
एमबी अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड की लापरवाही ही है कि भर्ती स्वाइन फ्लू रोगी मंगलवार को बैड पर से गायब हो गया और स्टाफ बेखबर रहा। चित्तौड़ के इस रोगी की रिपोर्ट मंगलवार को ही मिली जिसमें केस पॉजिटिव पाया गया। डॉक्टर उसे देखने पहुंचे तो वह वार्ड में नहीं मिला। सूत्रों ने बताया कि यह रोगी हर रोज रिपोर्ट के इंतजार में चिकित्सकों को परेशान करता था।
चित्तौड़गढ़ संवाददाता के अनुसार उक्त रोगी पहले बाठेड़ा निवासी अपने रिश्तेदार के यहां गया उसके बाद वह अपने तेजाजी चौक चित्तौड़ भी पहुंचा। चित्तौड़गढ़ सीएमएचओ डा. रमेश माहेश्वरी को जब उक्त रोगी की जांच रिपोर्ट और उसके गायब होने की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत उसके घर संपर्क किया, वहां रोगी मौजूद था। इसके बाद तुरंत प्रभाव से रोगी को आइसोलेशन केयर में लिया गया तथा एंबुलेंस से उदयपुर भेजा गया। शाम सात बजे वह रोगी वापस आ गया।










