Danik Bhaskar Logo
| 27 Editions | 9 States

Investor
Wednesday, Nov 18th, 2009, 6:06 am [IST]  

danik bhaskar15 करोड़ की इमारत का पलस्तर 15 दिन में उखड़ा

महाबीर सेठ

जालंधर. शहर में विकास कार्यो में हो रही धांधली तो जगजाहिर है, लेकिन बाहर से खूबसरत दिख रही नगर निगम की नई बिल्डिंग की दीवारों के पलस्तर उखड़ने शुरू हो गए हैं। बिल्डिंग में लगाए गए मैटेरियल पर उंगली उठने लगी है। जीरो लेबल से लेकर दूसरे फ्लोर तक की दीवारों पर पपड़ी पड़ चुकी है। स्लैब के कारण दीवार दिखने लगी है।



यहां उखड़ा पलस्तर



फस्र्ट फ्लोर स्थित मेयर आफिस और उनके किचन में स्लैब हैं। जगह-जगह से दीवारों से पपड़ी उखड़ रही है। यही हाल स्थानीय निकाय मंत्री मनोरंजन कालिया के आफिस के साथ बने स्टाफ रूम का है। जीरो लेबल के लगे बोर्ड के नीचे पपड़ी पड़ चुकी है, जो कभी भी गिर सकता है। सीढ़ियों के आस-पास दीवारों का पलस्टर उखड़ रहा है।



बजट बढ़ा, गुणवत्ता घटी



इमारत को बनाने के लिए पूर्व मेयर सुरिंदर महे के प्रस्ताव पर तत्कालीन सरकार ने 6.50 करोड़ रुपए पास कर दिए। इसे बनाते-बनाते इतना समय लगा दिया गया कि खर्च दो गुणा से ज्यादा बढ़ गया। समय रहते अगर इमारत तैयार हो जाती तो 8.50 करोड़ रुपए की बचत हो सकती थी, लेकिन अब कुल खर्चा 15 करोड़ दिखाया गया है।



बरती हो कोताही तो खतरे में बिल्डिंग



रिटा. सुपरिंटैंडेंट इंजीनियर बंसीलाल का कहना है कि दीवार के पलस्टर में मैटेरियल ठीक से न लगाने पर ऐसी स्थिति पैदा होती है। दूसरा ठेकेदार द्वारा पलस्तर के समय केयर न करने पर दीवार में पानी नहीं लगाया जाता है। अगर लैंटर डालने के समय यही कोताही बरती गई होगी तो बिल्डिंग को खतरा पैदा हो सकता है।



वाटर सप्लाई की लीकेज से दीवारें पर पलस्तर उखड़ने की शिकायत मिली है, जिसके लिए अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। - कुलविंदर सिंह, एसई, नगर निगम

  share
apne vichaar
post a comment
name:
email:
select your language:     Hindi Roman     Hindi Phonetic     English
comment:
code: