Wednesday, Nov 18th, 2009, 6:22 am [IST]  

danik bhaskarफिसलन भरी सड़कें, लोग भड़के

भास्कर न्यूज

बिलासपुर. रिंग रोड-2, नर्मदा नगर, राजीव नगर, मन्नू चौक रोड, तारबाहर स्कूल रोड सहित अंडर ग्राउंड सीवरेज के लिए शहर के 18 स्थानों पर खोदे गए गड्ढे की चिकनी मिट्टी में मंगलवार को भी लोग दिन भर फिसलन का शिकार होते रहे। राहत के कोई उपाय नहीं होने पर नागरिकों का गुस्सा भड़क गया है।



रिंग रोड में वाहनों के फंसने व जाम की नौबत रोज की तरह बनी रही। शिव टाकीज चौक से मन्नू चौक की ओर जाने वाले मार्ग में जाम की नौबत रही। अरपा पार राजस्व कालोनी, अशोक नगर, इमलीभाठा रोड के लोग अपने घरों तक पहुंचने के लिए कीचड़ भरी सड़कों से गुजरने जद्दोजहद करते रहे।



सीवरेज के लिए सड़क ों की खुदाई करने वाली सिम्पलेक्स इन्फ्रा स्ट्रक्चर लिमिटेड, कोलकाता की ओर से नागरिकों को राहत पहुंचाने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए। लोगों का गुस्सा इससे और भड़क गया है कि नगर निगम इसके बाद भी बेसुध है।
परियोजना की देखरेख करने वाले नगर निगम की ओर से नागरिकों की सुध लेने मौके पर कोई नहीं पहुंचा। रुक रुककर हो रही बारिश से खुदी हुई सड़कों की बुरी हालत नागरिकों के लिए सिरदर्द बनी रही, परंतु सिम्पलेक्स व नगर निगम की ओर से राहत के कोई उपाय नहीं किए गए।



नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष बसंत शर्मा ने कहा है कि अरपापार अशोक नगर, राजस्व कालोनी आदि में सड़कों की खुदाई के दौरान सिम्पलेक्स को अल्टीमेटम दिया गया था कि जितनी दूर तक सड़क की खुदाई की जाएगी, नागरिकों को उड़ने वाली धूल व कीचड़ से राहत के उपाय किए जाएंगे।



उन्होंने कहा कि सीवरेज के कार्य की मानिटरिंग करने वाले नगर निगम अमले पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि जितनी भी जगह सड़कें खोदी गई हैं, कहीं भी लोगों को राहत दिलाने के उपाय नहीं किए जा रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों को नागरिकों की परेशानियों से कोई वास्ता नहीं रह गया है।



भाजपा पार्षद श्यामजी भाई पटेल ने शिकायत की कि सीवरेज कार्य की देखरेख में असफल रहे ईई को हटाने की मांग पर तत्काल अमल होना चाहिए। नर्मदा नगर, राजीव नगर, शांति नगर एवं नेहरू नगर में सीवरेज की चिकनी मिट्टी से लोग फिसल- फिसल कर गिर, पड़ रहे हैं, परंतु सड़क की मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।



मंगलवार को सुबह बारिश शुरू होने के पूर्व वार्ड में 3-4 लेबर सड़क से मिट्टी हटाते हुए दिखाई दिए, परंतु बारिश शुरू होने के बाद वे लोग गायब हो गए। कांग्रेस पार्षद जुगल किशोर गोयल ने रोष जताया कि मामा भांजा तालाब के किनारे झोपड़पट्टियों में रहने वालों को चार दिन से सिर्फ इसलिए पानी नहीं मिल रहा है, क्योंकि सीवरेज के लिए सड़क खुदाई के दौरान पानी की पाइप लाइन ही टूट-फूट गई। टूटी हुई पाइप लाइन की मरम्मत अब तक नहीं की जा सकी है।



वहीं चिकनी मिट्टी के ढेर लगने से सड़क चलने के काबिल नहीं रह गई है। लोग फिसल-फिसलकर गिर रहे हैं। कांग्रेस पार्षद एलएन राव का कहना है कि सीवरेज के लिए खुदाई करने के बाद सड़क के लेवल से सपाट मिट्टी हटाकर ऊपर से जीरो गिट्टी डालकर उसे चलने लायक बनाना चाहिए। तारबाहर स्कूल पानी टंकी के पास सड़क पर चिकनी मिट्टी के जमाव से लोगों का चलना फिरना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद नगर निगम अमला नागरिकों को राहत पहुंचाने की दिशा में कोई ध्यान हीं दे रहा है।



101 करोड़ खर्च होंगे: नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट किया कि सीवरेज के लिए सड़क खोदकर पाइप लाइन डालने के लिए सिम्पलेक्स को जो 222 करोड़ का ठेका दिया गया है, उसमें सड़कों के नवनिर्माण पर 101 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पूरी योजना के अंतर्गत 107 किलोमीटर पक्की सड़क तथा 160.70 किलोमीटर कांक्रीट सड़कों का निर्माण किया जाना है। डामरीकृत सड़कों के लिए मुरुम डालने के बाद ग्रेड-1 एवं ग्रेड-2 मेटल डालकर ऊपर से डामरीकरण किया जाएगा। इसी प्रकार जहां कांक्रीट की सड़क होगी, वहां ब्लेक टाप डालकर कांक्रीटीकरण किया जाएगा।



नागरिकों ने किया आयुक्त का घेराव: नगर निगम द्वारा सीवरेज के काम की धीमी गति एवं अव्यवस्थाओं से तंग आकर वार्ड क्रमांक 3 नेहरू नगर (शांति नगर) कालोनी के लोगों ने नगर निगम आयुक्त का घेराव किया। नागरिकों ने जल्द सड़क न बनाने पर निगम के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी। नागरिकों ने बताया कि कंपनी द्वारा सड़कें एक साथ खोदकर मिट्टी घरों के सामने डंप कर दी गई है। सोमवार की रात हुई बारिश के कारण सड़कों पर पैदल चलना पूरी तरह बाधित हो गया है। पीने के पानी की पाइप लाइन जगह-जगह तोड़ दिए जाने के कारण 2 दिनों से पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है।

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