जगदीश झींडा और साथी तनखाइया घोषित
अमृतसर. अकाल तख्त के जत्थेदार गुरबचन सिंह ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा और उनके साथियों को तनखाइया घोषित किया है। मंगलवार को अकाल तख्त सचिवालय में हुई सिंह साहिबानों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जत्थेदार गुरबचन ने कहा कि झींडा और उनके साथियों को कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारा छठी पातशाही पर कब्जा कर गुरुद्वारे की मर्यादा उल्लंघन का दोषी पाया गया है।
निरंतर 6 घंटे तक चली बैठक के बाद जत्थेदार झींडा, कंवलजीत सिंह अजराना, अवतार सिंह, हजूर सिंह और जोगा सिंह को तख्त श्री केसगढ़ साहिब, तख्त श्री अकालतख्त और तख्त श्री दमदमा साहिब में पांच-पांच दिन प्रतिदिन एक घंटा कीर्तन सुनने की सजा सुनाई।
इसके अलावा एक घंटा लंगर में बर्तन साफ करने, एक घंटा जोड़ा घर में सेवा करने और प्रत्येक तख्त पर पांच-पांच सौ रुपए की देग (कड़ाह प्रसाद) चढ़ाने की सजा भी सुनाई। उक्त सेवा के बाद कुरुक्षेत्र के गुरुद्वारा छठी पातशाही में भी 5 दिन तक उक्त सजा दोहराई जाएगी। 20 दिन तक सेवा निभाने के बाद 21वें दिन अकाल तख्त पर 1100 रुपए की देग करवाकर क्षमा याचना की अरदास करनी होगी।
फैसला राजनीति से प्रेरित : झींडा
सजा को राजनीति से प्रेरित करार देते हुए झींडा ने कहा कि अकाल तख्त साहिब की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इसे स्वीकार तो कर लिया है, लेकिन संतुष्ट नहीं हैं। उक्त आदेश को कठोर दंड की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि अलग हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के लिए वह बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार हैं।
प्रो. दर्शन सिंह तलब
अमरीका के गुरुद्वारा न्यूचैस्टर में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दावली इस्तेमाल करने के आरोप में पंथ के प्रसिद्ध रागी प्रो. दर्शन सिंह को जत्थेदार गुरबचन सिंह ने 5 दिसंबर को अकाल तख्त पर तलब किया है।
जत्थेदार ने उन्हें कीर्तन के दौरान गुरु गोबिंद सिंह के प्रति बरती गई गलत भाषा के लिए स्पष्टीकरण देने की हिदायत दी है। उन्होने सिख संगठनों और धार्मिक संस्थाओं को हिदायत दी कि वह मसले के हल होने तक दर्शन सिंह को किसी भी धार्मिक स्थल या समारोह में कीर्तन के लिए आमंत्रित न करें।










