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Wednesday, Nov 18th, 2009, 6:34 am [IST]  

danik bhaskarजिले में एक ट्रैक्टर ट्राली ही रजिस्टर्ड

अमित ऋषि

अमृतसर. इससे बड़ी हैरानी बात क्या होगी कि 35 लाख की आबादी वाले अमृतसर जिले में मात्र एक ही ट्रैक्टर ट्राली रजिस्टर्ड है और वह भी जिला ट्रांसपोर्ट विभाग के आफिस की। जबकि शहर के हालात पर नजर डालें तो दिनभर दर्जनों ट्रैक्टर ट्रालियां रेत बजरी, ईंटे और अन्य सामान लादे धड़ल्ले से दौड़ती नजर आती हैं। मगर इसके बावजूद भी पुलिस और डीटीओ विभाग इन पर पूरी तरह से शिकंजा नहीं कस पा रहा है।



डीटीओ जसबीर सिंह भी इस बात की पुष्टि करते हुए मानते हैं कि विभाग में एक ही ट्रैक्टर ट्राली रजिस्टर्ड है और वह भी सरकारी फारेस्ट विभाग की। उन्होंने कहा कि शहर में चलने वाली इन गैर कानूनी ट्रालियों के हर रोज आठ से 10 चालान काटे जा रहे हैं। इसके अलावा शहर में दिन में चले वाले भारी वाहनों ट्रकों और अन्य बड़ी गाड़ियों को भी हर रोज चैक किया जाता है। डीटीओ ने कहा कि जो कोई भी नियमों की उल्लघंना करेगा उसको बख्शा नहीं जाएगा।



एक माह में खजाने में डाले 28 लाख : डीटीओ ने कहा कि उन्होंने 10 अक्तूबर को चार्ज लिया था। अब तक 398 चालानों में से वह 19 लाख 20 हजार 800 रुपए और आठ लाख रुपए से अधिक डिफाल्टरों से टैक्स के रूप में वसूल कर सरकारी खजाने में डाल चुके हैं।



पद संभालने के बाद से वह अब तक 91 टूरिस्ट बसों, 83 टैक्सियों के और बाकी सभी ट्रैक्टर ट्रालियों और कमर्शियल प्रयोग में आने वाले ट्रकों के चालान काट चुके हैं। उन्होंने मोटरव्हीकल एक्ट के तहत टैक्स न भरने वालों से आठ लाख रुपए से अधिक टैक्स वसूला है।



कौन से वाहन किस समय दौड़ सकते हैं शहर में : डीटीओ से पूछा गया कि भारी वाहनों को शाम सात से सुबह सात बजे तक शहर में प्रवेश करने की परमिशन है। इसके बावजूद ऐसे वाहन दिन के समय चलते हैं। डीटीओ ने खुलासा किया कि सिर्फ एग्रीकल्चर फील्ड वाले कृषि से संबंधित सामान ही लाद सकते हैं। कमर्शियल इस्तेमाल में आने वाली हर चीज के लिए नियम हैं।



अगर कोई कमर्शियल सामान को शहर में ऐसे ला रहा है तो वह गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए इस्तेमाल में आने वाले वाहनों में हाइड्रोलिक सिस्टम होना चाहिए। उसके कागजात पूरे होने चाहिए। कर्मशियल यूज का टैक्स अदा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैर कानूनी चलने वाली ट्रैक्टर ट्रालियों पर रोज नजर रखी जा रही है। जो पकड़ में आती हैं उन्हें हजार से 10 हजार बीच के चलान किया जा रहा है।



ओवर स्पीड पर शिकंजा



डीटीओ ने कहा कि शहर में चलने वाले ओवर स्पीड वाहनों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाइवे पर वाहन के लिए स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि शहर के अंदर गाड़ी 40 किलो मीटर प्रति घंटा से अधिक नहीं चलाई जा सकती।

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