अब जागे यूनियन नेता
भिलाई. एनजेसीएस की विफलता ने श्रमिक संगठनों को सक्रिय कर दिया है। बार-बार अगली तारीख से तंग आ चुके यूनियन नेता अपने-अपने तरीके से इसका प्रतिकार करने लगे हैं। इससे एक बार फिर यहां की श्रमिक रजनीति गरमाने लगी है।
स्टील वर्कर्स यूनियन इंटुक ने बुधवार को इक्विपमेंट चौक पर सुबह साढ़े आठ बजे से एकदिनी धरना प्रदर्शन का आयोजन किया है। इसके लिए आज संयंत्र के सभी गेटों पर पंपलेट बांटकर कर्मचारियों से धरना में शामिल होने की अपील की। उपमहासचिव दिलीप विश्वास ने कहा है कि शांतिपूर्वक धरना देकर कर्मचारियों की भावनाओं से अवगत करना चाहते हैं। इसके बाद भी प्रबंधन अपने हठीले रवैए पर कायम रहा तो फिर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा है कि डेली रिवार्ड स्कीम का आदेश दो महीने पहले ही आ गया है। कुछ लोग झूठी वाहवाही लेने कर्मियों को भ्रामक जानकारी दे रहे हैं। भिलाई स्टील मजदूर सभा एटक ने इक्विपमेंट चौक पर सभा का आयोजन किया। एनजेसीएस की बैठक से लौटे विनोद कुमार सोनी ने बैठक की पूरी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सभी यूनियनों ने मिलकर संयुक्त प्रपोजल सेल प्रबंधन को सौंपा हैं। 78.2 प्रतिशत डीए के आधार पर 30 प्रतिशत एमजीबी, 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट और समझौते की अवधि पांच साल रखने की मांग की है। इसमें से प्रबंधन ने 78.2 प्रतिशत डीए के आधार पर एमजीबी देने और पांच वर्षो के वेतन समझौते की अवधि को मान लिया है। इंक्रीमेंट रेट और एमजीबी पर बार्गनिंग होनी थी कि यूनियन नेताओं के बीच विवाद हो गया।
स्टील एंप्लाइज यूनियन के महासचिव एसएम पांडेय ने इंटक के अध्यक्ष जी संजीव रेड्डी के हवाले से बताया है कि अगले महीने से डेली रिवार्ड स्कीम फिर शुरू हो जाएगी। एनजेसीएस की बैठक 29 नवंबर को होगी, जिसमें निर्णायक फैसले की उम्मीद है।










