बोर्ड होगा तो बीकानेर में ही बनेगा
बीकानेर. प्रदेश में यदि 8वीं बोर्ड का गठन होगा तो उसका मुख्यालय बीकानेर में ही बनेगा। यह निर्णय 8वीं बोर्ड की उपादेयता के संबंध में जयपुर में हुई बैठक में लिया गया। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक श्याम सुंदर बिस्सा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में 8वीं बोर्ड की उपादेयता की समीक्षा की गई।
इस संबंध में निदेशक ने बोर्ड गठन के मुद्दे पर निदेशालय की ओर से तैयार की रिपोर्ट भी पेश की। इसे लेकर केन्द्र के निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा विधेयक के प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। नए एक्ट में 10वीं बोर्ड को ही खत्म करने की बात चल रही है तथा 8वीं बोर्ड की जरूरत ही नहीं समझी गई है। विचार-विमर्श के बाद यह तय किया गया कि यदि आठवीं बोर्ड की उपादेयता है तो उसका गठन बीकानेर में ही होगा।
बीकानेर में 8वीं बोर्ड के गठन के लिए प्रस्ताव कई बार राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। वर्ष 1999-2000 में तत्कालीन वित्त मंत्री ने विधानसभा के बजट भाषण में उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा में गुणवत्ता सुधार करने के उद्देश्य से 8वीं कक्षा का राज्य में समान पाठ्यक्रम व मूल्यांकन पद्वति सुनिश्चित करने की दृष्टि से प्रारंभिक शिक्षा बोर्ड की स्थापना तथा इस पर 50 लाख रुपए का खर्च प्रस्तावित किया गया था। बैठक में इस बिन्दु पर भी चर्चा की गई और इसे केन्द्रीय एक्ट से जोड़कर देखा गया।
बैठक में निदेशालय की ओर से प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में बताया है कि सभी जिलों में 8वीं बोर्ड पैटर्न परीक्षा 1997-98 से संबंधित जिले की डाइट के माध्यम से संचालित की जा रही है। इसे अस्थायी व्यवस्था के रूप में लागू किया गया था। हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय, नई दिल्ली की ओर से प्रकाशित पिंक बुक में जो नोर्म्स दिए गए हैं उनमें 8वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का कार्य डाइट के द्वारा करवाने का कहीं पर भी उल्लेख नहीं है।










