Wednesday, Nov 18th, 2009, 7:10 am [IST]  

danik bhaskarबारिश व ठंड से सिहरा जशपुर अंचल

Bhaskar News

जशपुरनगर. अंचल के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही बारिश किसानों के अरमानों पर कहर बरपा रही है। खेतों में पककर लहलहा रहे धान फसल बड़े पैमाने पर चौपट होने के कगार पर हैं। यदि एक दो दिनों में बारिश नहीं रुकती है और मौसम साफ नहीं होता है तो किसानों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है।



रविवार शाम व सोमवार सुबह से हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिन किसानों का धान खेतों में पककर तैयार हो गया है, उनका धान पौधों के साथ गिर गया है, वहीं जिन किसानों ने धान काटकर खेतों में रखा है, वह पानी में डूब गया है। जिससे किसानों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।



जबकि जिन किसानों के धान पकने की स्थिति में है, उनके लिए यह बारिश अमृत साबित हो रही है। ऐसे बारिश से नफा कम नुकसान ज्यादा हुआ है। मंगलवार की सुबह अचानक जब बारिश शुरू हुई तो किसान अपने घरों में ही थे। सोमवार की सुबह सैकड़ों किसानों ने धान की कटाई कर करपा को खेतों में छोड़ दिया था, लेकिन उन्हें करपा उठाने का मौका नहीं मिला, इसके पहले बारिश हो गई।



जिससे किसानों को धान कटाई के दिनों में भी नुकसान हो गया। रजौटी के किसान बच्च सिंह ने बताया कि१क् एकड़ में धान की फसल लगाई थी। ५ एकड़ में जल्दी पकने वाले धान की कटाई कर चुके हैं। माई धान सरना, सोना, मासरी अभी भी खेतों में लहलहा रही है। मंगलवार को धान काटने वाले थे, लेकिन बारिश होने से धान के पौैधे गिर गए। अब खेत सूखने तक धान की कटाई नहीं कर पाएंगे, साथ ही फसल को भी नुकसान होगा।



ग्राम सोगड़ा के कृषक कंदरु राम ने बताया कि तीन एकड़ खेती में ये धान अभी लगा हुआ है, दो एकड़ में 1010, एक एकड़ में सरना लगा हुआ है। सरना को बारिश से जहां फायदा होने की बात कही, वहीं दो एकड़ में फसल को भारी नुकसान होने की बात कहते हुए कहा कि इस बारिश ने किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है।



स वर्ष कृषि विभाग को मौसम ने परेशान कर रख दिया है। पहले देर से आई वर्षा उसके बाद कीट प्रकोप और अब फसल कटने की स्थिति में असमय बारिश होने से कृषि विभाग के हाथ पाव फुल गए हंै। विभाग का कहना है कि इस बारिश से किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। किंतु चार-पांच दिन मौसम नहीं खुलता है तो फसल खराब हो सकते हैं।

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