टाइगर की खालें तिब्बत पहुंचाने वाले दो गिरफ्तार
अलवर. केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने दिल्ली में मजनूं का टीला इलाके में कार्रवाई कर बाघों की खाल व वन्यजीव अंगों के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर सीबीआई ने दो बाघों की खालें बरामद की हैं। इन दोनों बाघों का शिकार महाराष्ट्र के चन्द्रपुर इलाके में किया गया था। इस मामले में सीबीआई ने दो शिकारियों को भी पकड़ा है।
पकड़े गए तस्करों से सरिस्का में बाघों के शिकार के मामलों में भी पूछताछ की जा रही है। दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद सरिस्का प्रशासन भी उन्हें अलवर लाने के प्रयास में जुट गया है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के चन्द्रपुर इलाके में पिछले दिनों शिकारियों ने दो बाघों का शिकार किया था। चन्द्रपुर इलाका महाराष्ट्र के पड़ौबा व मध्यप्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व के नजदीक है।
वन विभाग को आशंका है कि दोनों टाइगर इन्हीं रिजर्व क्षेत्र के हैं। ये बाघ घूमते हुए चन्द्रपुर पहुंच गए थे। चन्द्रपुर में शिकार करने के बाद बाघों की खालों को दिल्ली पहुंचा दिया गया। यहां से खालें नेपाल होते हुए तिब्बत पहुंचती, इससे पहले ही दोनों शिकारी सीबीआई की गिरफ्त में आ गए।
बाघों की खालों को दिल्ली पहुंचाने का पता लगते ही सीबीआई ने दिल्ली में मजनूं का टीला इलाके में कार्रवाई कर वन्यजीव अंगों के तस्कर प्रेम नेगी व उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर सीबीआई ने बाघों की दो खालें बरामद की हैं। पूछताछ में पता लगा है कि प्रेम नेगी के तिब्बतियों से पुराने संपर्क रहे हैं। वह बाघों की खालों को तिब्बत पहुंचाने का काम करता रहा है।
सरिस्का के बाघों की खालें दिल्ली से जाती थीं विदेशी
वन्यजीवों के अंगों के कुख्यात तस्कर संसार चन्द्र का नेटवर्क भी दिल् ली में मजनूं के टीला इलाके में था। सरिस्का में बाघ-बघेरों के शिकार के बाद खालें मजनूं का टीला इलाके में पहुंचाई जाती थी। यहां बसे तिब्बतियों के माध्यम से उन्हें विदेशों में भेजा जाता था। सीबीआई इस बात का भी पता लगा रही है कि संसार चन्द्र ने प्रेम नेगी के माध्यम से तो बाघों की खालों को तिब्बत तक नहीं पहुंचाया।
सीबीआई ने बाघों की खालों को तिब्बत तक ले जाने वाले दो तस्करों को दिल्ली में मजनूं का टीला इलाके से पकड़ा है। इनसे टाइगर की दो खालें बरामद हुई हैं। संसार चन्द्र के नेटवर्क के बारे में भी इनसे पूछताछ की जा रहा है। - केके गर्ग, निदेशक, सरिस्का टाइगर रिजर्व










