बिना फॉग लाइट धुंध में दौडेंगी स्कूल बसें
पानीपत. आधा नवंबर जाते ही धुंध ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है, लेकिन स्कूल प्रबंधन स्कूल बसों में फॉग लाइट लगवाना भूल गया है। जिले के अधिकतर स्कूल की बसें मार्ग पर ऐसे ही दौड़ रही है। स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को जिला प्रशासन भी अनदेखा कर रहा है।
नहीं उठाया कदम
हर बार स्कूली बच्चे धुंध की वजह से दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए जिला प्रशासन और स्कूल प्रबंधन कदम उठाने की हामी भरता है। अधिकारियों की यह सारी कार्रवाई ढाक के तीन पात वाली होती है।
ये होता है अंतर
रोडवेज के एसएसआई अश्वनी शर्मा ने कहा कि सामान्य और फॉग लाइट के प्रकाश और कीमत में काफी अंतर होता है। फॉग लाइट का रिफ्लेक्टर छोटा होता है। इसकी लाइट बिंदुनुमा होती है और इसकी लाइट धुंध को चीरती हुई सामने वाली वस्तु पर सीधी पड़ती है, जबकि सामान्य लाइट की रोशनी धूंध में मिक्स हो जाती है।
कुछ बसों में फॉग लाइट लगवाई गई है। बाकी बसों में भी जल्द ही फॉग लाइट लगवा दी जाएंगी। बसों में सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त किए जाएंगे। - नवनीत सिंगला, प्रबंधक, आर्य गल्र्स पब्लिक स्कूल, पानीपत
बसों में फॉग लाइट लगवा रखी है। जिन बसों में फॉग लाइट नहीं है तो तुरंत ही लगवा दी जाएंगी। चालकों की बैठक लेकर विशेष हिदायत दी जाएगी। - दिनेश जिंदल, प्रिंसिपल, एसडी विद्या मंदिर सेक्टर- 12 पानीपत
फिलहाल धुंध पड़नी शुरू नहीं हुई है। बसों में फॉग लाइट लगवाई गई है। धुंध पड़ने पर स्कूल समय बदलने का विचार किया जा रहा है। चालकों को लेन में चलने की जानकारी दे दी गई है। - एमएल गर्ग, एडवाइजर डीपीएस पानीपत सिटी
स्कूल प्रबंधन रखें ध्यान
बसों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होती है। स्कूल प्रबंधन नहीं मानते हैं तो सख्ती से पेश आना चाहिए। - अश्वनी शर्मा, महासचिव, डीपीएस पानीपत सिटी पेरेंट्स
तैयारियां नहीं पूरी
धुंध में स्कूल प्रबंधन द्वारा बसों की तैयारियां पूरी नहीं हैं। स्कूल प्रबंधन को इस तरफ कदम उठाना चाहिए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम से ही बच्चे सुरक्षित रह सकते हैं। - नीरज पाहवा, प्रधान एमएएसडी पेरेंट्स एसोसिएशन पानीपत
ये हुए हादसे
2007 में निबंरी गांव के पास एक निजी स्कूल बस रोडवेज बस से टकरा गई, जिसमें कई बच्चे घायल हो गए। एनसी कालेज आफ इंजीनियरिंग इसराना की बस गत वर्ष डाहर गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में एक छात्रा की मौत हो गई और एक कालेज कर्मी का हाथ कट गया।
जिले में हैं 400 स्कूल बस
जिले के विभिन्न स्कूलों में करीब 400 स्कूल बसें हैं। स्कूलों बसों का बारीकी से निरीक्षण किया जाए तो शायद ही किसी बस में फॉग लाइट या अन्य सुरक्षा से संबंधित इंतजाम पर्याप्त मिलें। स्कूल संचालक हैं कि हर सुरक्षा मापदंड को नजरअंदाज कर बच्चों की जान जोखिम में डालकर सफर करवा रहे हैं।
यह रखें ध्यान
बस चालक लेन में चलें।
ओवरटेक न करें।
चालक स्टैंड पर ही बस रोंके।
बच्चों को सुरक्षा के प्रबंध का प्रयोग करने में झिझक नहीं होनी चाहिए।
बस रुकने पर ही उतरें।
सड़क पार करने में किसी प्रकार की जल्दबाजी न करें।
फॉग और बैक लाइट का समय रहते प्रयोग करें।
स्कूल संचालकों को अपने स्तर पर फॉग लाइट लगवानी होती हैं। विभाग की तरफ से फिलहाल किसी प्रकार के आदेश नहीं दिए गए हैं। स्कूल बसों का निरीक्षण किया जाएगा। किसी प्रकार की कमी मिलती है तो स्कूल संचालकों को पूरी करने के निर्देश दिए जाएंगे। - बीरसिंह कालीरमन, डीटीओ पानीपत










