सड़क पर वाहन खड़ा किया तो आई शामत
हिसार. सावधान हो जाइए। शहर की प्रमुख सड़कों पर अगर आपने अपना वाहन बेतरतीब तरीके से खड़ा किया है और वह यातायात जाम का कारण बन रहा है, तो उसे क्रेन उठाकर ले जाएगी। इसके बाद जुर्माना भरने पर ही वाहन छोड़ा जाएगा।
जिला प्रशासन शहर में प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए जल्द ही क्रेन का प्रयोग शुरू करने जा रहा है। साथ ही शहर के प्रमुख चौराहों पर रुक कर यातायात व्यवस्था बिगाड़ने वाले ऑटो रिक्शा व जीप के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा प्रशासन शहर में पार्किग के लिए अधिक से अधिक जगह उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा।
ये है मामला
शहर में इस वक्त यातायात व्यवस्था का बुरा हाल है। शहर की दशकों पुरानी सड़कों पर लगातार बढ़ते वाहनों को संभाल पाने में प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। इसके ऊपर बस स्टैंड से लेकर जिंदल चौक तक मुख्य सड़क पर दुकानदारों के अतिक्रमण व जरूरत से अधिक ऑटो रिक्शा के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है।
दुकानों के आगे अतिक्रमण होने के कारण वाहन चालक सड़क पर ही बेतरतीब तरीके से अपने वाहन खड़ा कर देते हैं। इसके कारण वहां पर यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है। जिला प्रशासन कई बार प्रयास कर चुका है लेकिन यातायात व्यवस्था काबू नहीं आ रही है।
वसूला जाएगा जुर्माना
सड़कों पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़ा करने वाले लोगों से निपटने के लिए जिला प्रशासन क्रेन की मदद लेगा। जिला प्रशासन निजी क्रेन संचालकों से दो क्रेन अनुबंध के आधार पर प्राप्त करेगा। ये क्रेन रेडक्रॉस के माध्यम से अनुबंधित की जाएंगी। इन क्रेन को यातायात पुलिस के साथ रखा जाएगा।
मंगलवार को जिला प्रशासन ने एक क्रेन को ट्रायल के तौर पर ट्रैफिक पुलिस को सौंप दिया है। अनुबंध होने पर दो क्रेन पूर्ण रूप से कार्य करेंगी। शहर में कहीं भी बेतरतीब तरीके से खड़े किए गए वाहन नजर आएंगे तो उन्हें ये क्रेन वहां से उठा लेगी। उन वाहनों को पुलिस अपने कब्जे में ले लेगी। बाद में उनका चालान किया जाएगा और साथ ही वाहन उठाने पर हुआ खर्च भी वसूल किया जाएगा।
ऑटो रिक्शा व जीप चालकों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने शहर के मुख्य चौराहों पर ऑटो रिक्शा व जीप रोककर सवारी बैठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की ठानी है। जीपों को तो प्रमुख चौराहों पर खड़ा करके सवारी भरने पर रोक लगा दी गई है। यातायात व्यवस्था बिगाड़ने वाले ऑटो रिक्शाओं के चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पार्किग स्थलों की होगी पहचान
जिला प्रशासन पार्किग के लिए नए पार्किग स्थलों की पहचान करेगा। जिन पुराने पार्किग स्थलों पर अव्यवस्था फैली है उन्हें दूर किया जाएगा, ताकि पार्किग के लिए उचित जगह मिल सके और सड़कों पर पार्किग को कम किया जा सके।
रिफ्लेक्टर रॉड से रास्ता दिखाएगी पुलिस
धुंध के कारण होने वाले हादसों में कमी लाने के लिए प्रदेश की ट्रैफिक पुलिस ने एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत अब रात को ड्यूटी देने वाले पुलिस कर्मचारी हाथ में रिफ्लेक्टिव रॉड लेकर वाहन चालकों को धुंध में रास्ता दिखाएंगे। एएसपी पंकज नैन के अनुसार जिले में जरूरत के हिसाब से इन रिफ्लेक्टरों की आपूर्ति हो चुकी है।
रात को ड्यूटी देने वाले पुलिसकर्मियों में इनका वितरण किया जा रहा है। गौरतलब है कि सड़क हादसों के बारे में जिलावाइज एक रिपोर्ट मुख्यालय में मांगी गई थी। इस रिपोर्ट में पुलिस अधिकारियों ने पाया कि सबसे ज्यादा सड़क हादसे दिसबंर से लेकर फरवरी माह में होते हैं।
इन महीनों में भी उस दिन सबसे ज्यादा हादसे होते हैं जिस दिन धुंध का मौसम होता है। जांच के दौरान अधिकारियों ने यह भी पाया कि सड़क हादसों के लिए शराब पीकर वाहन चलाना भी एक मुख्य कारण है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इनमें कमी लाने की लिए कई कदम उठाए हैं।










