जरूरतमंद को मिला सरकारी चेक बाउंस
रतलाम. पति को दुर्घटना में खो चुकी महिला को सरकारी चाल से नौ माह बाद चेक तो मिल गया पर हमदर्दी की बजाए यह जख्म कुरेदने वाला साबित हुआ। दरअसल राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के तहत दिया गया सरकारी चेक बाउंस हो गया।
5 अक्टूबर को पिपलौदा जनपद पंचायत ने सुखेड़ा निवासी शंकरलाल कीर की सड़क दुर्घटना में नौ माह पूर्व मौत होने पर मृतक की पत्नी कलाबाई कीर को राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना का दस हजार रुपए का चेक जारी किया था। कलाबाई ने पोस्ट ऑफिस के खाते में चेक जमा कर एक पखवाड़े बाद राशि लेने गई तो उसे पता चला कि उसे दिया गया चेक बाउंस हो चुका है। बाद में कलाबाई ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभु राठौड़ को घटना की जानकारी दी।
इलाज के लिए बेच दी घर और जमीन- शंकरलाल की दुर्घटना के बाद इलाज के लिए घरवालों ने सुखेड़ा स्थित घर एवं जमीन बेच कर इंदौर और बड़ौदा में उसका इलाज कराया था। इसमें तकरीबन ६क् हजार रुपए खर्च हो गए। वे अब बेघर हो चुके हैं। शंकरलाल के दो बच्चे हैं और कलाबाई के ७क् वर्षीय ससूर भी उनके साथ रहते हैं। इससे घर का गुजर-बसर करना मुश्किल हो गया है।
मृतक की पत्नी को सहायता राशि के रूप में दस हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया था। जिसके बाउंस होने की जानकारी मिली है। चेक बाउंस क्यों हो गया मैं इस संबंध में कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं।
- निर्देशक शर्मा, सीईओ जनपद पंचायत पिपलौदा
राष्ट्रीय परिवार सहायता का चेक बाउंस होने के संबंध में शिकायत मेरे पास आई है। यदि जनपद पंचायत पिपलौदा के खाते में राशि नहीं थी तो चेक जारी नहीं करना था। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
- प्रभु राठौड़, अध्यक्ष जिला पंचायत










