Wednesday, Nov 18th, 2009, 7:52 am [IST]  

danik bhaskarकिलर गेंग गिरफ्त में

Bhaskar News

killarभीलवाड़ा. राजस्थान, मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश के 14 टैक्सी चालकों के खून से हाथ रंग चुकी किलर गेंग को मंगलवार शाम कोतवाली पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट से जिला कारागार से गिरफ्तार कर लिया।
कोतवाल राहुल जोशी ने बताया कि दो जून, 07 को नगर परिषद से माउंटआबू के लिए किराए से ली गई टैक्सी के चालक मंगलपुरा निवासी सुरेश पुत्र भवानीशंकर शर्मा की मंदसौर जिले के सीतामहु क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। लुटेरे टैक्सी भी लूट ले गए थे।



वारदात को अंजाम देने के आरोप में रतलाम जिले के खजूरी गांव निवासी शकील उर्फ शाकिर पुत्र अमीन शाह फकीर, उसकी पत्नी सलमा उर्फ संतोष व गंगधार (झालावाड़) निवासी इरशाद उर्फ कालू पुत्र अब्दुल रसीद शाह फकीर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को स्थानीय कोर्ट ने तलब किया था। आरोपियों को सेंट्रल जेल, अजमेर से कड़ी सुरक्षा के बीच यहां लाया गया। बुधवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इसके बाद मौका तस्दीक करने पुलिस दल मंदसौर जाएगा। उल्लेखनीय है कि अपराध विवेचना प्रकोष्ठ, रतलाम (मध्यप्रदेश) के हत्थे चढ़ने के गेंग के सदस्यों से पुलिस ने पांच वाहन भी बरामद कर लिए। इनमें सुरेश शर्मा की हत्या कर लूटी गई वैन भी शामिल हैं।

यहां कर चुके हैं कत्ल



शाकिर व इरशाद ने जो वारदातें कबूली है। उनमें भीलवाड़ा, सांवलियाजी (चित्तौड़गढ़), कोटा, बूंदी, अजमेर, मध्य प्रदेश में खरगोन, खंडवा, मंदसौर, उत्तरप्रदेश के शाहजहांपुर में व सहारनपुर की वारदात शामिल हैं।
मौज-शौक के लिए बना कातिल शकील उर्फ शाकिर को मौज-शौक ने कातिल बना दिया। यह खुलासा आरोपी ने पुलिस पूछताछ में किया। उसने बताया कि मौज-शौक के चलते उसने तीन शादियां भी की। इनमें मुस्लिम, बंजारा व चौहान जाति की महिलाएं शामिल है। इनके नाम सलमा, रेहाना और फरजाना बताए हैं।



टीबी का करवाना था इलाज



इरशाद उर्फ कालू लंबे समय से टीबी से पीड़ित था। इलाज के लिए उसके पास रुपए नहीं थे। इसी के चलते वह किलर गेंग में शामिल हो गया। लूटी गई गाड़ियों को वे 30 से 40 हजार रुपए में बेच चुके हैं। इससे मिली राशि से इरशाद ने टीबी का इलाज करवाया था।



पहला शिकार बना सुरेश



किलर गेंग ने खूनी खेल की शुरुआत दो साल पहले भीलवाड़ा से ही की। इस गेंग ने मंगलपुरा के टैक्सी चालक सुरेश को अपना पहला शिकार बनाया। इसके बाद पीछे मुडकर नहीं देखा और एक के बाद एक 14 टैक्सी चालकों की जान ले ली। यह खुलासा अपराध विवेचना प्रकोष्ठ, रतलाम (मध्यप्रदेश) के हत्थे चढ़ी किलर गेंग के सदस्यों ने भीलवाड़ा पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में किया।



पुलिस को रहना होगा सतर्क



सरगना शाकिर उर्फ शकील को भावगढ़ (मंदसौर) पुलिस ने गिरफ्तार कर मंदसौर जेल भेज दिया था। जेल में शाकिर ने 30 अप्रैल को जेल प्रशासन से पेट दर्द की शिकायत की। उसे इलाज के लिए मंदसौर स्थित राजकीय अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती करवाया। सलमा उर्फ संतोष व सलीम उर्फ काला अस्पताल पहुंचे। शाकिर मुख्य प्रहरी (जेल) नारायण सिंह को बातों में उलझाते हुए अस्पताल से बाहर सड़क पर ले आया। वहां से वह हाथ छुड़ाकर अपने साथी काला व पत्नी सलमा के साथ बाइक पर बैठकर भाग निकला, जो कुछ दिन बाद पकड़ा गया था। इस घटना को ध्यान में रख भीलवाड़ा पुलिस को भी सतर्क रहना होगा।



मां के साथ एक साल का अरमान भी



टैक्सी चालकों की हत्या के आरोप में पकड़े गए शकिल व उसकी पत्नी सलमा के साथ उनका एक वर्षीय बेटा अरमान भी सलाखों के पीछे है। मासूम अरमान का यह हाल जिसने भी देखा, वह आरोपी दंपती को कोस रहा था।



नींद की गोलियां खिलाकर घोंटा सुरेश का गला



किराए पर ली गई वैन व चालक सुरेश को तीनों आरोपी नीमच ले गए। वहां वे चाचा की होटल पर खाने के लिए रुके। मौका पाकर सुरेश के खाने में नींद की गोलियां डाल दी। इसके बाद सुरेश को नींद आने लगी। दोनों उसे वैन में बैठाकर मंदसौर जिले के सीतामहू क्षेत्र में ले गए। गहरी नींद में सो रहे सुरेश का उन्होंने गमछे से गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। वे सीतामहू से करीब 20 किलोमीटर दूर मीरियाखेड़ी के जंगल में सुरेश की लाश फेंकने के बाद आलोट होते हुए मेहदपुर चले गए थे।

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