राड़ा की जमानत याचिका खारिज
हिसार. हरियाणा व पंजाब हाई कोर्ट ने नगर परिषद हिसार के प्रधान बिहारी लाल राड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। उनको पहले दी गई अंतरित जमानत भी रद्द कर दी गई है। इसके अलावा कोर्ट ने उनके ऊपर कोर्ट को गुमराह करने के आरोप में 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद विजिलेंस राड़ा को गिरफ्तार करने की कार्रवाई शुरू करेगी। विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक पतराम के अनुसार नगर परिषद के टेंडर घोटाले के मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई थी। न्यायाधीश एलएन मित्तल ने सुनवाई के दौरान राड़ा को अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया।
साथ ही उनको पांच सितंबर को दी गई अंतरिम जमानत भी रद्द कर दी। इसी मामले में कोर्ट ने परिषद के एमई सुरेश गोयल को अंतरिम जमानत दे दी है। पतराम ने बताया कि अब राड़ा की गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे। राड़ा के वकील बलदेव सिंह ने हाईकोर्ट में राड़ा की याचिका खारिज होने की पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि परिषद के पूर्व प्रधान अरविंद खरींटा ने राड़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए तीन साल पहले विजिलेंस में शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि राड़ा ने परिषद का प्रधान पद संभालने के बाद विकास कार्यों के लिए टेंडर मंगाए थे। टेंडर मंगाए तो 26 कार्य के लिए गए थे लेकिन टेंडर छोड़ने के दिन कुल 43 टेंडर छोड़े गए।
इन टेंडरों को लेकर विपक्षी पार्षदों ने काफी हंगामा किया और पूर्व प्रधान अरविंद खरींटा ने मामले की शिकायत जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक की। प्रशासनिक स्तर पर कुछ नहीं होने पर खरींटा मामले को हाईकोर्ट में ले गए। तब हाईकोर्ट ने मामले की जांच विजिलेंस से कराने के आदेश दे दिए।
विजिलेंस की जांच में ये तथ्य सामने आए कि टेंडर के समय सभी ठेकेदार से अर्नेस्ट मनी नहीं ली गई थी। बाद में कुछ ठेकेदारों की अर्नेस्ट मनी दिखाने के लिए चैक आए बताए गए। जांच में सामने आया कि प्रधान के रिश्तेदार दो ठेकेदारों ने जो चैक लगाए थे उनका बैंक एकाउंट टेंडर होने के दो महीने बार खुला था।
ये टेंडर इसलिए भी चर्चा में रहे थे क्योंकि सभी टेंडर एक ही रेट पर छोड़े गए थे। जांच के आधार पर विजिलेंस ने राड़ा, परिषद के अन्य अधिकारी व काफी ठेकेदारों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया गया। इस वर्ष पांच सितंबर को राड़ा ने हाईकोर्ट से अंतरित जमानत हासिल कर ली थी। अब ताजा मामले में हाईकोर्ट की तरफ से अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के बाद राड़ा की मुश्किलें बढ़ गई हैं।










