महाकाल मंदिर के लिए फोरलेन
उज्जैन. इंदौर, देवास व आगर रोड से आने वाले यात्रियों को हरीफाटक ओव्हर ब्रिज, बेगमबाग टर्निग से होकर महाकाल मैदान पहुंचना पड़ता है। बेगमबाग टर्निग की सड़क काफी संकरी व घुमावदार है। इससे बड़े वाहनों के आवागमन में परेशानी आती है।
दुर्घटनाओं का भय बना रहता है। वाहनों का आवागमन सुगम करने के लिए जिला प्रशासन ने नगर निगम के माध्यम से फोरलेन का प्रस्ताव तैयार किया है। यह मार्ग बेगमबाग नाले के समीप से रुद्रसागर तक व रुद्रसागर के किनारे से महाकाल मंदिर तक बनेगा। इसका डिजाइन इंजीनियर संजय त्रिवेदी ने तैयार किया है। प्रोजेक्ट का काम उपयंत्री पियूष भार्गव देख रहे हैं।
महाकाल द्वार बनेगा- फोरलेन के मुहाने पर 30 लाख रु. की लागत से महाकाल द्वार बनाया जाएगा। द्वार महाकाल की वास्तुशैली के अनुरूप होगा। ताकि यात्रियों को मार्ग पहचानने में आसानी हो।
जयसिंहपुरा से भी है प्रस्ताव- इसी तरह जयसिंहपुरा से महाकाल मंदिर तक रुद्रसागर के पास से फोरलेन की योजना तैयार की जा रही है। प्रशासन का विचार है कि बाहर से आने वाले वाहन शहर में प्रवेश किए बिना महाकाल मंदिर के पास पहुंचे। बेगमबाग से प्रस्तावित फोरलेन शहरी श्रद्धालुओं के लिए सुगम होगा और जयसिंहपुरा फोरलेन बाहर से आने वालों के लिए।
यात्रियों को सुविधा
बेगमबाग से वाहनों का आवागमन सुगम होगा। वाहन सीधे पार्किंग तक पहुंचेगे। मंदिर के आसपास वाहनों की भीड़ नहीं लगेगी।










