तीन बच्चों को मिली नई धड़कन
उज्जैन. गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले परिवारों के तीन बच्चों के दिल के ऑपरेशन सीएचएल अपोलो अस्पताल इंदौर में किए गए। ऑपरेशन सफल रहे। बच्चे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनके परिवार खुश हैं कि बच्चों को नई जिंदगी मिल गई।
जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग के सहयोग से जिले में सर्वे कराया था। इसमें गरीबी रेखा के नीचे और सामान्य गरीब परिवारों के ऐसे बच्चों की जानकारी हासिल की गई जिनके हृदय में छेद और अन्य जानलेवा बीमारियों से ग्रस्त हैं।
इन बच्चों का सीएचएल अपोलो के उज्जैन में निर्माणाधीन अस्पताल में 25 अक्टूबर को परीक्षण किया गया था। परीक्षण में चुने गए उज्जैन नगर और ग्रामीण इलाकों के पांच बच्चों को ऑपरेशन के लिए सीएचएल अपोलो अस्पताल इंदौर में पिछले हफ्ते भर्ती कराया था। तीन बच्चों के ऑपरेशन हो गए हैं। दो बच्चों को बुखार होने से अभी ऑपरेशन नहीं किए हैं। इन बच्चों के ऑपरेशन का खर्च राज्य बीमारी सहायता निधि से दिया है।
प्रयास हुए कारगर
जिन बच्चों के ऑपरेशन हो गए हैं उनके परिजनों में खुशियां छा गई हैं। उन्हें भरोसा नहीं था कि वे कभी बच्चों का महंगा इलाज करा पाएंगे। डॉक्टरों द्वारा लाखों रु. खर्च की बात की जाती थी। सीएमओ की पहल और कलेक्टर के प्रयास से गरीब बच्चों को नई जिंदगी मिली है।
कलेक्टर अजातशत्रु श्रीवास्तव, एस.पी. सतीश सक्सेना, सीएमओ डॉ. के.के. अग्रवाल और महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी संजय सिसौदिया ने मंगलवार शाम इंदौर जाकर बच्चों और परिजनों से भेंट की।
प्रशासन भी सक्रिय
प्रशासन भी प्रयास कर रहा है। बैंगलुरु के एक अस्पताल की जानकारी मिली है जहां गरीब बच्चों के नि:शुल्क ऑपरेशन किए जाते हैं। प्रशासन अस्पताल से संपर्क की कोशिश कर रहा है।
कतार है लंबी, मददगार की तलाश
सरकारी मदद से गरीब बच्चों के दिल के ऑपरेशन किए जाने के प्रशासन के प्रयास से लोगों में उम्मीद जागी। कई गरीब परिवारों ने प्रशासन को आवेदन दिए हैं। पूर्व में चयनित गरीबी रेखा से नीचे वाले तथा सामान्य गरीब परिवारों के बच्चों के ऑपरेशन के लिए बड़ी धनराशि की जरूरत है।
गरीबी रेखा वालों को बीमारी सहायता निधि से मदद मिल सकती है लेकिन गरीबी रेखा से ऊपर वाले गरीब परिवार के बच्चों की मदद के लिए दानदाताओं की जरूरत है। राज्यमंत्री पारस जैन ने मंडी व्यापारियों से इसके लिए आग्रह किया था।
ञ्चतीन बच्चों के ऑपरेशन हो गए हैं। वे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। उनके परिवारों में प्रसन्नता है। अन्य दो बच्चे भर्ती हैं जिनके ऑपरेशन होना है।ज्ज
डॉ. के.के. अग्रवाल, सीएमओ










