पिता को बंद कर बेटे ने लुटवा दिया घर
उज्जैन. अति महत्वाकांक्षा व कर्ज मुक्ति के लिए डॉ. मिश्रा के पुत्र ने मामा के पुत्र व उसके दोस्त के साथ मिलकर घर में ही चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। पुलिस ने २४ घंटे से भी कम समय में वारदात का खुलासा कर दिया और १.५६ लाख रुपए बरामद कर लिए।
एसपी सतीश सक्सेना ने बताया सोमवार दोपहर करीब ३.४क् बजे सेठीनगर के डॉ.विजय कुमार मिश्रा के घर मंे चोरी हो गई थी। उन्हें व परिजनांे को कमरों मंे बंदकर अज्ञात आरोपी पलंगपेटी मंे रखे करीब २.७क् लाख रुपए चुरा ले गए थे। प्रथम दृष्टया मामला संदेहास्पद था और वारदात मंे पारिवारिक सदस्य के शामिल होने की शंका थी।
माधवनगर टीआई के.के.उपाध्याय ने संदेह मंे डॉ.मिश्रा के पुत्र राजेश, भतीजे (साले के पुत्र) अजय (परिवर्तित नाम) निवासी फ्रीगंज व एक अन्य से पूछताछ शुरू की। शुरुआती ना-नुकूर के बाद राजेश व अजय ने विवेकानंद कॉलोनी के दोस्त विजय (परिवर्तित नाम) के साथ मिलकर वारदात करना कबूला। पुलिस ने विजय के घर से १.५६ लाख रुपए व बैग जब्त किया है।
खुलासे मंे एसआई सियारामसिंह गुर्जर, सुनील शैजवार, प्रधान आरक्षक कालूराम, आरक्षक कैलाश शर्मा व आत्माराम परमार की अहम भूमिका रहीं। राजेश व अजय ने महंगी बाइक व अतिमहत्वाकांक्षा और कर्ज उतारने के लिए घर मंे चोरी करना बताया जबकि विजय महज एक हजार रुपए के लालच मंे उनके साथ हुआ था।
पहले छिपकर बैठा था घर मंे- वारदात का मास्टर माइंड अजय है। सोमवार को वह राजेश के कमरे मंे पहले से छिपकर बैठा था। पुत्र के आग्रह पर कमरे में आए डॉ.मिश्रा को बंदकर अजय नीचे आया और उनकी बहन प्रतीक्षा, पुत्री नेहल व पुत्र धनंजय को कमरे मंे बंदकर दिया।
पलंग पेटी से रुपयों से भरा बैंग निकालकर भागते समय उसने घर का पिछला दरवाजा भी बंदकर दिया। वह बैंक ऑफ इंडिया के पास बाइक लेकर पहले से मौजूद विजय के साथ भाग निकला।
पिता को किया गुमराह- वारदात की रणनीति पहले बन चुकी थी। राजेश ने योजना के मुताबिक पिता को गुमराह करने के लिए चाय बनाने के लिए दबाव बनाया। इस दौरान वह लगातार अजय व विजय से मोबाइल पर संपर्क मंे था। राजेश, अजय व विजय तीनों ही कक्षा ११ वीं मंे अध्ययनरत हैं।
ऋण की राशि से पुलिस को इनाम- पुलिस की त्वरित कार्रवाई से खुश शिक्षक डॉ. मिश्रा व बहन प्रतीक्षा मिश्रा ने बरामद हुए १.५६ लाख की राशि में से दस हजार रुपए का इनाम टीआई के.के.उपाध्याय को देने की बात कहीं। उन्होंने खुलासे के लिए पुलिस का शुक्रिया भी अदा किया।
बात कुछ खास
-अजय वारदात के बाद डॉ.मिश्रा की चप्पलें लेकर भाग निकला। इसका कारण स्निफर डॉग को गुमराह करना बताया।
-डॉ.मिश्रा व परिवार के भोपाल जाने के बाद राजेश व अजय को पलंग पेटी में रुपए रखे होने की जानकारी लगी थी।
-कार्रवाई में बचाने के आश्वासन पर ही राजेश व अजय ने टीआई के समक्ष वारदात कबूली।
-राजेश ने वारदात के टीवी शो सीआईडी की आवाज फुल कर दी थी।
-वारदात के खुलासे में तीनांे की मोबाइल की कॉल डिटेल अहम रहीं।
-फरियादी द्वारा दस हजार रुपए के इनाम देने की बात को एसपी ने माधवनगर थाने पर नकार दिया।
सेठीनगर में हुई वारदात का खुलासा करने वाली टीम को इनाम दिया जाएगा। वारदात पूर्व से ही संदेहास्पद थी।
-सतीश सक्सेना, एसपी










