हुकुम सर, ये लो जवाब!
अजमेर. नगर निगम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) वे. सरवण ने महापौर धर्मेद्र गहलोत को पत्र का जवाब पत्र से दिया है। दोनों में कथित मनमुटाव के कारण उपजे ‘पेपर वार’ के बीच सरवण ने जवाबी पत्र में फैसलों के अमल संबंधी कार्रवाई की जानकारी दी है।
गौरतलब है कि महापौर ने सीईओ को पत्र जारी कर गत 13 अक्टूबर की साधारण सभा में पारित प्रस्तावों व फैसलों पर अमल करने के निर्देश दिए थे। इनमें मूंदड़ी मोहल्ला की 5 दुकानों के मामले में दोनों पक्षों को सुनकर 15 दिन में मामला निस्तारित करने, कस्तूरबा अस्पताल का विकास व रिक्त पदों पर डॉक्टरों की भर्ती, तत्कालीन सफाई ठेकेदार एवं पामको का मामला एसीबी को भेजने, कुत्तों की नसंबदी प्रकरण में जांच कर सदन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश शामिल थे।
साथ ही गणोशनगर हाउसिंग सोसायटी प्रकरण में अनधिकृत रूप से बेची गई जमीन और अतिक्रमण के मामले में सोसायटी के पदाधिकारियों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने, नए सफाई ठेके की प्रक्रिया शुरू करने को कहा था। ज्ञातव्य है कि निगम की 25 नवंबर को साधारण सभा की फिर बैठक होनी है। इसमें पिछली बैठक के प्रस्तावों की पुष्टि होनी है।
सीईओ ने ये दिए जवाब
सीईओ ने महापौर को लिखे पत्र में कहा कि बैठक का कार्यवाही विवरण देर से जारी हुआ इसलिए फैसलों पर अमल की प्रक्रिया में विलंब हुआ। सफाई ठेकेदार रामकी कंपनी को ठेका निरस्त करने के लिए एक माह का नोटिस दे दिया गया है।
कस्तूरबा अस्पताल के विकास सहित अन्य कार्यो की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य फैसलों पर अमल के लिए आयुक्त (विकास) जगदीश चौधरी को निर्देश दिए गए हैं। सीईओ ने बताया कि महापौर को फैसलों—प्रस्तावों पर अमल संबंधी जानकारी दे दी है।










